फोन आया – “लोन मंजूर हुआ है”, और युवक के खाते से उड़ गए 68,171 रुपये
अब किससे न्याय मांगे? एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं, पीड़ित युवक दर-दर भटक रहा

Seoni 20 November 2025
सिवनी/कहानी यशो:-
ऑनलाइन ठगी के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने से साइबर ठगों के हौसले और भी बुलंद होते जा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नगर कहानी निवासी उमेश नामदेव के साथ घटित हुआ, जो लोन दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गए।
पीड़ित द्वारा साइबर क्राइम सेल जबलपुर में दिए गए आवेदन के अनुसार, 25 सितंबर को उनके मोबाइल नंबर पर 73678 944434 से फोन आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को वित्तीय संस्था का प्रतिनिधि बताते हुए ₹5,00,000 का लोन स्वीकृत कराने का दावा किया। लोन प्रक्रिया के नाम पर उमेश से क्रमशः प्रोसेसिंग फीस, रजिस्ट्रेशन फीस और इंश्योरेंस फीस के तौर पर अलग-अलग समय पर कुल ₹68,171 जमा कराए गए।
लेकिन राशि जमा होते ही उस नंबर से संपर्क बंद कर दिया गया। न तो लोन मिला, और न ही फोन कॉल या मैसेज का जवाब मिला। ठगे गए उमेश नामदेव ने अपनी संपूर्ण बैंक डिटेल सहित साइबर क्राइम सेल जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई, परंतु एक माह बीत जाने के बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई।
लगातार कार्यालय के चक्कर लगा रहे पीड़ित उमेश अब न्याय की उम्मीद में बेहद निराश हैं। वे कहते हैं कि “जब शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं होती, तो ठगों के हौसले और बढ़ते हैं और आम लोग असहाय हो जाते हैं।”
स्थानीय नागरिकों और विशेषज्ञों की मांग
ऐसे मामलों में साइबर क्राइम सेल को त्वरित जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर पीड़ित को उसकी रकम वापस दिलाई जानी चाहिए। साथ ही, आम नागरिकों को जागरूक करना भी आवश्यक है, ताकि वे लोन, इनाम, क्यूआर कोड स्कैन और बैंक वेरिफिकेशन के नाम पर होने वाली ठगी से बच सकें।
सावधानी ही सुरक्षा
किसी भी अनजान नंबर से आए लोन/इनाम कॉल पर विश्वास न करें
बैंक या आरबीआई कभी भी फोन पर फीस जमा करने को नहीं कहती
किसी भी भुगतान से पहले संस्था की वेबसाइट और रजिस्ट्रेशन की पड़ताल अवश्य करें
शिकायत करने के लिए तत्काल www.cybercrime.gov.in या 1930 हेल्पलाइन का उपयोग करें
प्रशासन से अपेक्षा
इस तरह के मामलों में जल्द कार्रवाई करते हुए ठगों तक पहुंचने की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और साइबर अपराधों पर लगाम लग सके।



