मध्यप्रदेश होगा शराब मुक्त, मुख्यमंत्री का बड़ा ऐलान

Bhopal 26 January
भोपाल यशो:- मध्य प्रदेश के डॉक्टर मोहन सरकार प्रदेश को शराब मुक्त बनाने संकल्प की ओर चरणबद्ध कदम बढ़ा रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने गत दिवस इस बात का ऐलान किया है कि प्रदेश में शराबबंदी चरणबद्ध तरीके से की जाएगी हालांकि अभी जो प्रदेश सरकार द्वारा ऐलान किया गया है उसके तहत प्रदेश के 19 तीर्थ क्षेत्र में शराबबंदी का एलान कर दिया गया है
मध्य प्रदेश की सरकार ने आबकारी नीति में बदलाव करते हुए 19 पवित्र स्थान पर शराबबंदी का ऐलान कर दिया है ।
कैबिनेट ने फैसला लिया है कि 19 धार्मिक क्षेत्रों में पूर्णतः शराब विक्रय प्रतिबंधित रहेगी। इन धार्मिक क्षेत्रों में नगर निगम, 6 नगर पालिका, 6 नगर परिषद, 6 ग्राम पंचायत है। अब भविष्य में भी यहां पर शराब की दुकान नहीं खुल पाएगी
हालांकि शराब बंदी फिर यह पूर्व मुख्यमंत्री सुश्री उमा भारती पिछले समय में काफी मुखर रही है वायु प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 7 साल पूर्व धार्मिक क्षेत्र में शराबबंदी की नीति बनाने पर आश्वासन दे चुके थे।
प्रदेश में शराबबंदी से बड़े राजस्व का नुकसान होगा परंतु सरकार का यह निर्णय जनहित में लिया गया ऐतिहासिक फैसला साबित होगा अभी शराब विक्रय से सरकार को 16000 करोड़ का राजस्व प्राप्त होता है। 17 धार्मिक क्षेत्र में शराबबंदी से सरकार को लगभग 240 करोड रुपए का नुकसान होगा।
यहाँ नहीं मिलेगी शराब
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक शुक्रवार को लोकमाता अहिल्याबाई की नगरी महेश्वर में हुईं। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के 19 नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में मदिरा को प्रतिबंधित किए जाने की स्वीकृति दी है। निर्णय अनुसार उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मण्डलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, पन्ना, मण्डला, मुलताई, मंदसौर और अमरकंटक की सम्पूर्ण नगरीय सीमा में एवं सलकनपुर, कुण्डलपुर, बांदकपुर, बरमानकलां, बरमानखुर्द और लिंगा की ग्राम पंचायत सीमा में समस्त मदिरा दुकानों एवं बार को बंद किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रदेश के 19 नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों को पूर्णतः पवित्र घोषित किया गया है।
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