इंदौर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में शहरी विकास को लेकर बड़े फैसले; जलप्रदाय, सीवरेज, पर्यटन और कचरा प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं को मिलेगी गति
इंदौर यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गरिमामयी उपस्थिति में इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित ‘अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2026’ में मध्यप्रदेश के शहरी विकास को गति देने के उद्देश्य से विभिन्न वित्तीय अनुबंधों और समझौता ज्ञापनों (MoU) का आदान-प्रदान किया गया। इन पहलों का मुख्य फोकस शहरों की आधारभूत संरचना मजबूत करने, जलप्रदाय व्यवस्था सुधारने, धार्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा देने और सतत शहरी प्रबंधन को प्रोत्साहित करने पर रहा।

कॉन्क्लेव में इंदौर, उज्जैन और रीवा की विकास योजनाओं के साथ प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में पर्यावरण-अनुकूल शहरी प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण पहल की गई।
इंदौर में जलप्रदाय और सीवरेज के लिए ₹1,320 करोड़ से अधिक के अनुबंध
इंदौर नगर निगम और बैंक ऑफ इंडिया के बीच ₹1,320 करोड़ से अधिक के ऋण अनुबंध किए गए। इस वित्तीय सहयोग से शहर में जलप्रदाय व्यवस्था को सुदृढ़ करने, सीवरेज नेटवर्क का विस्तार करने और जलाशयों के पुनर्जीवन से संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। इन परियोजनाओं का उद्देश्य नागरिक सुविधाओं में सुधार के साथ शहर की आधारभूत संरचना को और मजबूत करना है।
उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक पर्यटन केंद्र बनाने की पहल
बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन के विकास को लेकर उज्जैन विकास प्राधिकरण और इंडियन ओवरसीज बैंक के बीच अनुबंध हुआ। इसका उद्देश्य उज्जैन को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में वित्तीय सहयोग और विकास की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
रीवा की जलप्रदाय परियोजना के लिए ₹50 करोड़ की वित्तीय व्यवस्था
रीवा नगर निगम की जलप्रदाय संवर्धन परियोजना के लिए ₹50 करोड़ की वित्तीय व्यवस्था के संबंध में रीवा नगर निगम और एचडीएफसी बैंक के बीच सैद्धांतिक स्वीकृति का आदान-प्रदान किया गया। इस पहल से रीवा में जलप्रदाय सुविधाओं को बेहतर बनाने और नागरिकों को अधिक प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
413 नगरीय निकायों में कचरा प्रबंधन पर जोर
प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में सतत शहरी प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए नगरीय विकास एवं आवास विभाग और होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया के बीच राज्य स्तरीय समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया।
इस साझेदारी के अंतर्गत होटल एवं रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों के सहयोग से कचरे का पृथक्करण, खाद्य अपशिष्ट में कमी, अतिरिक्त भोजन का वितरण, गीले कचरे का वैज्ञानिक प्रसंस्करण, उपचारित जल का पुनः उपयोग और वर्षा जल संरक्षण जैसे कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करने की दिशा में सहयोग मिलने की उम्मीद है।
महाराष्ट्र के साथ नीतिगत सहयोग और नवाचार पर समझौता
मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग तथा महाराष्ट्र शासन के महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन के बीच भी समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान किया गया। इस पहल का उद्देश्य नीतिगत सहयोग बढ़ाना, नवाचार को प्रोत्साहित करना और शहरी विकास के बेहतर मॉडल अपनाने की संभावनाओं को आगे बढ़ाना है।
अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2026 में हुए ये अनुबंध और समझौते मध्यप्रदेश के शहरों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, बेहतर जल प्रबंधन, पर्यटन विकास और पर्यावरण-अनुकूल शहरी व्यवस्था को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इनके प्रभावी क्रियान्वयन से शहरों में नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने और विकास को अधिक टिकाऊ बनाने में मदद मिल सकती है।