अवैध कारोबार को रोकने में प्रशासन नाकाम, एक ट्रेक्टर का 17 हजार रूपए रेत तय
Chhindwara 17 May 2025
छिंदवाड़ा यशो:- चांद में रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है लेकिन रेत माफियाओं को अब प्रशासन और पुलिस का भी डर नहीं बचा है। 17 हजार में एक,एक ट्रेक्टर महीने भर यहां से अवैध रेत निकला सकते हैं। तय रकम देने के बाद यहां से निकलने वाली अवैध रेत चांद और चौरई में जहां चाहे वहां सप्लाई की जा सकती है। प्रदेश के बड़े नेताओं का डर बताकर यहां के अधिकारी ही रेत के इस अवैध कारोबार में सीधे शामिल हैं। अवैध रेत उत्खनन का सेंट्रल पाइंट बांसखेड़ा और बादगांव बन गया है। जहां पर 100 से ज्यादा ट्रेक्टर सुबह से ही अवैध रेत उत्खनन में लग जाते हैं।
सौंसर के बाद चौरई की खदानें इन दिनों रेत माफियाओं के लिए हॉट स्पॉट बनी हुई हैं। यहां सत्ता के दो केन्द्रों के बीच रेत कारोबारी बंट गए हैं। एक वैध खदानों का संचालन कर रहा है दूसरा अवैध लेकिन पूरे मामले में अफसरों की भूमिका संदिग्ध बन गई है। बताया जा रहा है कि यहां जारी रेत के अवैध कारोबारी में चांद के पुलिस और प्रशासन की सीधी मिली भगत है बांसखेड़ा और बांदगांव में 100 से ज्यादा ट्रेक्टर रोजाना रेत निकालते हैं दिन दहाड़े बेधक अवैध उत्खनन होता है लेकिन अधिकारियों को खबर रहने के बाद भी इस पर नकेल कसने की कोशिश नहीं होती है इस मामले में चौरई एसडीएम से संपर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
माफियाओं की पसंद रेत घाट
बांसखेड़ा और बांदगांव के अलावा आधा दर्जन रेत घाट ऐसे हैं जो रेत माफियाओं की पसंद बने हुए हैं। जिनमें चिखली, चंदनगांव, बेलगांव, हरणखेड़ी जेसे क्षेत्रों से बेतहाशा अवैध रेत निकाली जा रही है पेंच नदी का क्षेत्र होने के कारण यहां बेहतर गुणवत्ता की रेत मिलती है लेकिन खदानें स्वीकृत न होने के कारण इन अवैध खदानों से ही उत्खनन होता है। अवैध कारोबार में सत्ता के दो केन्द्र बन गए हैं पहले जिला पंचायत सदस्य से लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधी शामिल थे लेकिन अब अधिकारी भी इस रेत कारोबार में लिप्त हो गए हैं।



