Seoni 01 March 2025
सिवनी यशो:- इबादतों, रहमतों व बरकतों का पवित्र महीना रमजान-उल-मुबारक का चांद शनिवार को देखा गया । चांद दिखने की तस्दीक होते ही लोग रविवार से रमजान के रोजे रखने की तैयारी में मशगूल हो गये. सेहरी के इन्तेजाम में लोग जुट गये । वहीं यह नियम है कि चांद देखे जाते ही रमजान की विशेष नमाज तरावीह की शुरुआत हो जाती है । लोग इसके लिए मस्जिद और चिन्हित जगहों पर पहुंचने की जल्दी में दिखे ।
रमजान में खजूर की बड़ी अहमियत होती है. हर रोजेदार चाहता है कि वह बेहतर खजूर से इफ्तार करे और दूसरों को भी कराए. ऐसे खजूर की मांग है जो स्वादिष्ट व पौष्टिक हो. रोजेदारों की पसंद को देखते हुए बाजार में बड़े चमचमाते काले कलमी खजूर आ गए हैं. इसके कई प्रकार हैं ।
व्यापारियों ने रमजान को देखते हुए लच्छे भी तैयार किये है। जानकारी के अनुसार ज्यादातर रोजेदार सहरी में दूध-लच्छे खाते हैं ।
मस्जिदों की मरम्मत के साथ रंगाई-पुताई एवं साफ सफाई पहले से ही कर ली गयी है । फिरोज भाई ने जानकारी देते हुये बताया कि तराहवी और नमाज-ए-जमात के लिए विशेष व्यवस्थाएँ की जाती है शहर की तमाम मस्जिदों में रोजेदारों की सुविधा के लिए जरूरत की चीजों की उपलब्धता की जाती है । पुरुषों व बच्चों की इबादत से मस्जिदों में रौनक रहती है वहीं महिलाएं इबादत से घरों को रौशन करती हैं. प्रतिदिन तरह-तरह के पकवान मस्जिदों में भेजे जाते है जिससे लोग रोजा खोलते हैं । रमजान में शहर में काफी चहल-पहल रहती है.



