राष्ट्रीय उपलब्धि: पेंच से रामगढ़ विषधारी तक बाघिन का सुरक्षित स्थानांतरण
एक माह की वैज्ञानिक ट्रैकिंग के बाद भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से संपन्न हुआ बाघिन का बहुप्रतीक्षित अंतर-राज्यीय स्थानांतरण
Seoni 21 December 2025
सिवनी यशो:- राष्ट्रीय स्तर की वन्यजीव संरक्षण उपलब्धि: पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी से लगभग 3 वर्षीय बाघिन को रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में सफलतापूर्वक स्थानांतरित किया गया। यह अभियान भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ और वन्यजीव संरक्षण में एक ऐतिहासिक सफलता साबित हुआ।

लगभग एक माह की वैज्ञानिक ट्रैकिंग और तैयारी
इस बाघिन का स्थानांतरण पिछले एक माह से वैज्ञानिक रूप से ट्रैक और मॉनिटर किया जा रहा था।
पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन ने एआई आधारित कैमरा ट्रैप और मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से बाघिन की गतिविधियों पर नज़र रखी।
क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे लगाए गए,
और अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के सहयोग से किया गया।
फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे., उप-संचालक रजनीश कुमार सिंह और
वरिष्ठ वेटरनरी विशेषज्ञों की टीम ने निरंतर निगरानी और तैयारी सुनिश्चित की।
पेंच के कुरई और रुखड़ रेंज के मैदानी अमले ने दिन-रात गश्त और कैमरा ट्रैप निगरानी कर अभियान को सफल बनाया।

अंतर-राज्यीय समन्वय और सहयोग
स्थानांतरण के लिए सहयोगी अधिकारियों और विशेषज्ञों की विशेष टीम एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से राजस्थान रवाना हुई।
टीम में शामिल थे:
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सहायक संचालक सुश्री गुरलीन कौर (IFS)
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वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा
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डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट)
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रेंज अधिकारी श्री लोकेश कुमार चौधरी
यह अभियान अंतर-राज्यीय समन्वय और वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन का उच्चतम उदाहरण है।
बाघ संरक्षण और आनुवंशिक विविधता में बढ़ावा
इस सफल स्थानांतरण से न केवल बाघ संरक्षण को मजबूती मिली है,
बल्कि विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में यह एक महत्त्वपूर्ण कदम है।
वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि-
यह अभियान भविष्य में अन्य अंतर-राज्यीय बाघ स्थानांतरण के लिए मार्गदर्शक साबित होगा।



