अपराधियों की संपत्ति होगी कुर्क, महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त हुए सीएम डॉ. मोहन यादव
गृह विभाग की समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश
सीएम मोहन यादव गृह विभाग समीक्षा- साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, सिंहस्थ 2028 और पुलिस आधुनिकीकरण पर हुई विस्तृत चर्चा
भोपाल यशो :- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने गृह विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई में किसी प्रकार की ढिलाई न बरती जाए तथा जरूरत पड़ने पर अपराधियों की संपत्ति कुर्क करने जैसी कार्रवाई भी प्रभावी रूप से की जाए। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर आरक्षक स्तर तक पुलिस बल को पूरी सजगता और सक्रियता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विशेष रूप से कहा कि प्रदेश में शिक्षा संस्थानों और कोचिंग सेंटरों के आसपास छेड़छाड़ या असामाजिक गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए पुलिस प्रशासन को संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और छात्राओं में सुरक्षा का भरोसा मजबूत होना चाहिए।
विवेचना अधिकारियों को मिल सकता है विशेष भत्ता
बैठक में अपराध अन्वेषण प्रणाली को आधुनिक और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि अपराध स्थल पर त्वरित पहुंच, डिजिटल साक्ष्य संग्रह, फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी, पीड़ित एवं गवाहों की सुरक्षा और परिवहन जैसी जिम्मेदारियों को देखते हुए विवेचना अधिकारियों को विशेष अन्वेषण भत्ता देने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी किया गया है।

साइबर अपराध रोकने आईटी विशेषज्ञों की मदद
मुख्यमंत्री ने बढ़ते साइबर अपराधों को गंभीर चुनौती बताते हुए गृह विभाग को आईटी कंसल्टेंट और तकनीकी विशेषज्ञों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए। सोशल मीडिया आधारित अपराधों तथा एआई तकनीक के दुरुपयोग को रोकने के लिए राज्य साइबर सेल को और अधिक सशक्त बनाने पर भी चर्चा हुई।
सिंहस्थ 2028 के लिए स्थायी सुरक्षा ढांचा तैयार होगा
बैठक में Simhastha की तैयारियों को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि भीड़ प्रबंधन, वीआईपी सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं केवल अस्थायी नहीं बल्कि स्थायी अधोसंरचना के रूप में विकसित की जाएं। उज्जैन के धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए कंट्रोल रूम और सुरक्षा व्यवस्थाओं को दीर्घकालिक उपयोग के अनुरूप तैयार करने के निर्देश दिए गए।
पुलिस के नवाचारों की मुख्यमंत्री ने की सराहना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य को नक्सल मुक्त बनाने, सड़क दुर्घटनाएं कम करने, आपदा मित्रों को प्रशिक्षित करने और एयर एम्बुलेंस जैसी सेवाओं में पुलिस की भूमिका सराहनीय रही है। खुले में मांस विक्रय पर प्रतिबंध और तेज ध्वनि वाले स्पीकरों के नियंत्रण संबंधी निर्देशों के प्रभावी पालन की भी उन्होंने सराहना की।
एआई तकनीक से बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा
बैठक में एआई आधारित “सेफगार्ड एमपी” प्रणाली के जरिए बुजुर्गों, महिलाओं और कमजोर वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी विचार किया गया। साथ ही एटीएस, एसटीएफ और हॉक फोर्स जैसी विशेष इकाइयों के लिए आधुनिक प्रशिक्षण और क्षमता संवर्धन की योजनाओं पर चर्चा हुई।



