शादी समारोह से हुआ था मासूम का अपहरण
Seoni, 5 August 2025
सिवनी यशो :- 23 अप्रैल 2025 की रात ग्राम पौनारकलों में एक आदिवासी समाज की बारात के दौरान दो वर्षीय मासूम वेद उड़के का अपहरण कर लिया गया था।
प्रार्थी राजकुमार उड़के द्वारा बरघाट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसके आधार पर अपराध क्रमांक 226/25 धारा 137(2) बीएनएस. के तहत मामला दर्ज किया गया।
यह भी पढ़े :- पोस्टमार्टम में लग गए दो दिन, भटकते रहे मृतक के मासूम बच्चे
100 दिन की सघन जांच, कई जिलों में तलाश
पुलिस अधीक्षक सिवनी सुनील मेहता के निर्देशन और एसडीओपी ललित गठरे के मार्गदर्शन में सिवनी, बालाघाट, मंडला, छिंदवाड़ा, नागपुर जैसे कई जिलों में लगातार सर्च अभियान चलाया गया।
यह भी पढ़े :- दो मासूमों की निर्मम हत्या: रिश्तेदार ने साइकिल दिलाने का बहाना कर जंगल में ले जाकर चाकू से रेत दिए गले
सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर सूचना प्रणाली के माध्यम से 4 अगस्त को बच्चा सुफीनगर सिवनी में एक घर के सामने खेलता हुआ मिला।
आरोपी बोले: “बच्चा चाहिए था, इसलिए किया अपहरण”
गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि मुख्य आरोपी राज उर्फ गोपाल साहू और उसकी पत्नी शीला को संतान नहीं थी।
राज का अवैध प्रेम संबंध पुष्पा धुर्वे से था, जिसने उन्हें बच्चा दिलाने का आश्वासन दिया था। 50,000 रुपए के बदले योजना बनी और शादी समारोह को निशाना बनाया गया।
पुष्पा धुर्वे ने मासूम वेद को समारोह के दौरान सोते समय अगवा किया और छिपकर सिवनी पहुंच गई।
आरोपी लगातार बच्चे को घर में ही छिपाकर रखते रहे ताकि पुलिस को कोई भनक न लगे।
गिरफ्तार आरोपी
- गोपाल उर्फ राज साहू, उम्र 40 वर्ष, निवासी सुफीनगर सिवनी
- शीला साहू, उम्र 40 वर्ष, निवासी सुफीनगर सिवनी
- पुष्पकला उर्फ पुष्पा धुर्वे, उम्र 35 वर्ष, निवासी महाराणा प्रतापनगर डूंडासिवनी, स्थाई पता पिंडरई बरघाट
पुलिस टीम का सराहनीय योगदान
अनुविभागीय अधिकारी पुलिस ललित गठरे और तीन थाना क्षेत्रों (बरघाट, अरी, डूंडासिवनी) की संयुक्त टीम, कोतवाली और सायबर सेल के अधिकारियों का योगदान विशेष रहा।
इस अभियान में कुल 30 से अधिक अधिकारी और जवानों ने भाग लिया।
बच्चा सकुशल, आरोपी न्यायिक हिरासत में
पुलिस की तत्परता और समन्वित प्रयासों से मासूम बालक को सुरक्षित परिवार के सुपुर्द किया गया है।
वहीं, आरोपीगण पर अब अपहरण के साथ-साथ बाल तस्करी और षड्यंत्र की धाराओं में भी मामला दर्ज कर न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया गया है।



