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आदमी की नब्बे प्रतिशत मुसीबतें वह जो व्यर्थ की बातें कर लेता है, उससे निकलती हैं। किसी से कुछ कह दिया, फिर उसने कुछ कह द...
गुड़-गुड़ कहने से मुंह मीठा नहीं होता। सच ही है उपदेश का मर्म वही समझता है जो उसे धारण करना जानता हैं वाणी के साथ आचरण...
मन अर्जुन के समान है जिस प्रकार युद्ध में चारों तरफ एक से बढ़कर एक महारथी थे, उसी प्रकार मन के अंदर जो विषय विकार हैं...
हमारा मन अभ्यास का दास है। जिस प्रकार का अभ्यास मन को कराया जाता है, उसी प्रकार उसका अभ्यास सदा के लिए बन जाता है।...
एक आदमी में हम देखते हैं कि वह चोर भी है, बेईमान भी है, फिर भी सफल हो रहा है, तो हमें बड़ी अड़चन होती है कि क्या मामला...
विष का जरा सा अंश जीवन-संकट खड़ा कर देता है। एक छोटी सी ब्लेड प्राणान्त की स्थिति ला देती है। एक छोटा सा घाव नासूर बन कर...
एक सेठ बड़ा धनवान था। उसे अपने ऐश्वर्य धन सम्पत्ति का बड़ा अभिमान था। अपने को बड़ा दानी धर्मात्मा सिद्ध करने के लिये घर...
प्रसन्नता ऐसा टॉनिक है, जिसका नित्य-पान करके व्यक्ति तन्दुरुस्त हो जाता है। खुशी ऐसी औषधि है, जिसका सेवन करने से मनुष्...
मनुष्य में एक छोटी सी समस्या है, वो कभी स्वयं की निंदा सुन नहीं पाता। यदि कोई उसके विषय में बुरा कहे, सह नहीं पाता। सद...
एक सरोवर के तट पर एक खूबसूरत बगीचा था। इसमें अनेक प्रकार के फूलों के पौधे लगे हुए थे। लोग वहां आते, तो वे वहां खिले तम...
बहुत समय पहले की बात है, एक गाँव में एक महात्मा रहते थे। आसपास के गाँवो के लोग अपनी समस्याओं और परेशानियों के समाधान...
एक अमीर व्यक्ति था। उसने समुद्र में तफरी के लिए एक नाव बनवाई। छुट्टी के दिन वह नाव लेकर समुद्र की सैर के लिए निकल पडा। अ...
पाप से मन को बचाये रहना और उसे पुण्य में प्रवृत्त रखना यही मानव जीवन का सबसे बड़ा पुरुषार्थ है। एक बहुत अमीर सेठ थे।...
वस्तुतः दीखने और दिखाने की प्रक्रिया गलत नहीं है। गलत है इससे दूसरों को नुकसान पहुँचाना एवं स्वार्थ सिद्ध करना। इसके ठीक...
एक सब्ज़ी वाला था, सब्ज़ी की पूरी दुकान साइकल पर लगा कर घूमता रहता था ।"प्रभु" उसका तकिया कलाम था। कोई पूछता आलू कैसे दि...