खसरा नंबर 29/1/2 का मामला गंभीर, 5 हजार डंपर मुरम डालने का आरोप—कर्वे कॉलोनी में आधा नाला बनाकर निर्माण बंद, जियारत दरगाह के पीछे भी कब्जे की शिकायत
Seoni, 25 October 2026
सिवनी यशो:- सरकारी नाले पाटे जाने के आरोप, करीब पांच हजार डंपर मुरम भरने की शिकायत और जमीन पर कॉलोनी विकसित करने की तैयारी! सवाल यह है कि आखिर सिवनी में सरकारी जल निकासी मार्गों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है? क्या सरकारी नालों पर कब्जे के आरोपों की जांच होगी, या जनता की परेशानी पर पर्दा डालकर भूमाफियाओं के मंसूबों को आगे बढ़ने दिया जाएगा?
खसरा नंबर 29/1/2 से संबंधित नाले की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। संबंधित पटवारी ने चर्चा में सरकारी नाला होने और कुछ व्यक्तियों द्वारा मुरम डालकर उसे पाटे जाने की जानकारी दी। पटवारी के अनुसार, राजस्व और खनिज विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई भी की है। लेकिन जनता जानना चाहती है कि कार्रवाई आखिर हुई क्या? क्या अवैध भराव हटाया गया? क्या नाले का प्राकृतिक प्रवाह बहाल हुआ? क्या जिम्मेदार लोगों पर प्रभावी कार्रवाई हुई? यदि नहीं, तो केवल विभागीय कार्रवाई का हवाला देना किस काम का?
खनिज विभाग की कार्रवाई काफी नहीं, नाला भी तो बहाल होना चाहिए!
करीब पांच हजार डंपर मुरम डाले जाने का आरोप कोई मामूली शिकायत नहीं है। इतनी बड़ी मात्रा में मुरम कहां से आई, किसने डलवाई, अनुमति किसने दी और भराव से सरकारी नाले की स्थिति कितनी प्रभावित हुई—इन सवालों की जांच जरूरी है। खनिज विभाग की कार्रवाई अपनी जगह है, लेकिन यदि सरकारी नाला पाट दिया गया है तो उसे सुरक्षित करना, सीमांकन कराना, जल प्रवाह बहाल करना और दोषियों की जवाबदेही तय करना भी प्रशासन का दायित्व है।
सवाल यह भी है कि यदि सरकारी जमीन पर कब्जा हो रहा था, तो जिम्मेदार तंत्र को समय रहते इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई? और जानकारी मिलने के बाद भी यदि समस्या बनी हुई है, तो कार्रवाई का वास्तविक परिणाम जनता को क्यों नहीं दिख रहा?
कर्वे कॉलोनी में आधा नाला बनाकर काम बंद—जवाब कौन देगा?
सिवनी नगर के मध्य स्थित कर्वे कॉलोनी में नगर पालिका द्वारा नाले को पक्का बनाने का निर्माण शुरू किया गया था। जानकारी के अनुसार, आधा निर्माण होने के बाद विवाद के चलते काम रोक दिया गया। अब नगर पालिका को स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण किस स्वीकृत नक्शे के आधार पर शुरू हुआ, विवाद क्यों खड़ा हुआ और काम रोकने का आधिकारिक कारण क्या है।
नगर पालिका गलत है या नाले की जमीन पर कथित अतिक्रमण करने वाले? इसका जवाब फाइलों में दबाकर नहीं रखा जा सकता। राजस्व नक्शे, सीमांकन और निर्माण की स्वीकृति सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। जनता के धन से शुरू हुआ काम अधूरा छोड़ दिया गया है, तो उसकी जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।
जियारत दरगाह के पीछे जाने वाले नाले पर भी कब्जे की शिकायत सामने आई है। यदि इन शिकायतों की पुष्टि होती है, तो मामला किसी एक भूखंड तक सीमित नहीं रहेगा। नालों का रास्ता रोकने से बारिश में जलभराव और आम नागरिकों को परेशानी का खतरा बढ़ सकता है। सरकारी नाले किसी निजी व्यावसायिक योजना के लिए नहीं, बल्कि सार्वजनिक हित के लिए हैं।
मिलीभगत या लापरवाही—जांच में सामने आए सच्चाई!
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि संबंधित क्षेत्र में कॉलोनी विकसित करने की योजना है और कुछ लोग मामले को रफा-दफा कराने में जुटे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। फिर भी प्रशासन के लिए यह जरूरी है कि वह कॉलोनी की किसी योजना या अनुमति, नाले की सीमा और विभागीय कार्रवाई के रिकॉर्ड की जांच करे। यदि किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि ने पद का दुरुपयोग किया है, कार्रवाई प्रभावित की है या भ्रष्टाचार में संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो उसके विरुद्ध भी कठोर वैधानिक कार्रवाई होनी चाहिए।
जनता को यह जानने का अधिकार है कि सरकारी नाले की रक्षा में कौन खड़ा है और कौन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है। यदि कार्रवाई हुई है तो उसका ब्यौरा सामने आए; यदि नहीं हुई, तो जिम्मेदार अधिकारी कारण बताएं।
दो टूक मांग—नाला बचाइए, जवाबदेही तय कीजिए!
जिला प्रशासन तत्काल खसरा नंबर 29/1/2 सहित संबंधित क्षेत्र का विधिवत सीमांकन कराए। राजस्व, खनिज और नगर पालिका की संयुक्त जांच में कथित भराव की मात्रा, अनुमति, विभागीय कार्रवाई और कॉलोनी विकास की स्थिति स्पष्ट की जाए। कर्वे कॉलोनी में निर्माण रोकने के कारण सार्वजनिक किए जाएं और जियारत दरगाह के पीछे वाले नाले की शिकायत की भी जांच हो। जहां अतिक्रमण या नियमों का उल्लंघन प्रमाणित हो, वहां कानून के अनुसार कार्रवाई कर नाले की जल निकासी व्यवस्था बहाल की जाए।
सरकारी नाले जनता की संपत्ति हैं—किसी की जागीर नहीं! जनता के हितों से खिलवाड़ करने वालों को संरक्षण नहीं, जवाबदेही मिलनी चाहिए। सिवनी को अब आश्वासन नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाली कार्रवाई चाहिए।
नोट: पांच हजार डंपर मुरम, कॉलोनी विकसित करने की तैयारी और मामले को रफा-दफा कराने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। संबंधित विभागों का आधिकारिक कार्रवाई विवरण और कर्वे कॉलोनी में निर्माण रोकने का कारण प्राप्त होने पर रिपोर्ट में शामिल किया जा सकता है