सिवनी का जम्बो सीताफल राष्ट्रीय पहचान की दहलीज पर — सांसद भारती पारधी ने लोकसभा में उठाई ऐतिहासिक माँग
छपारा के प्रसिद्ध जम्बो सीताफल को GI टैग दिलाने की प्रक्रिया तेज; प्राकृतिक, बड़े आकार और अनूठे स्वाद वाला यह फल सिवनी की नई ब्रांड पहचान बनने को तैयार
Seoni/New Delhi, December 03, 2025
सिवनी यशो :- सिवनी जिले के किसानों और बागवानी क्षेत्र के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। लोकसभा के शीतकालीन सत्र में सिवनी – बालाघाट सांसद श्रीमती भारती पारधी ने सिवनी के विश्व-प्रसिद्ध जम्बो सीताफल को GI (Geographical Indication) टैग दिलाने की माँग पूरे जोर के साथ सदन में रखी।
यह पहली बार है जब सिवनी के इस अद्वितीय फल का मुद्दा संसद में इतनी प्रमुखता के साथ गूंजा—और यह स्वयं में जिले के लिए खुशी और गौरव का बड़ा क्षण है।
संसद टीवी के प्रसारण में स्पष्ट दिखाई दिया कि शून्यकाल के दौरान सांसद पारधी ने कहा—
“जम्बो सीताफल सिवनी की पहचान है, और GI टैग मिलने से किसानों की आय,
जिले की अर्थव्यवस्था और इस फल की ब्रांडिंग—तीनों को सीधा लाभ होगा।”
जम्बो सीताफल: आखिर क्या है जो इसे ‘जम्बो’ बनाता है?
सिवनी का जम्बो सीताफल देश के अन्य सीताफलों से बिल्कुल अलग है। इसकी पहचान 4 मुख्य विशेषताओं से बनती है:
विशाल आकार — 400 ग्राम से 1 किलो तक का फल
अन्य जिलों में जहाँ सीताफल 100–150 ग्राम मिलता है, सिवनी का न्यूनतम सीताफल भी 200 ग्राम से ऊपर और कई फल 1 किलो तक के होते हैं।
बेहद मीठा, गाढ़ा स्वाद
अन्य क्षेत्रों के सीताफल में पानी जैसा स्वाद मिलता है,
जबकि सिवनी का जम्बो सीताफल अत्यधिक मीठा, मुलायम और स्वादिष्ट पल्प वाला होता है।
पूरी तरह प्राकृतिक—कोई खाद, उर्वरक नहीं
यह फल 100% ऑर्गेनिक होता है।
पहाड़ी ढलानों और प्राकृतिक मिट्टी में स्वतः उगने की वजह से इसकी गुणवत्ता अद्वितीय है।
पल्प अधिक, बीज कम
जम्बो श्रेणी का यह सीताफल खाने में अधिक गूदा देने के कारण उपभोक्ताओं और बाजार—दोनों में मांग बढ़ाता है।



