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छिन्दवाड़ा में 7100 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति सुनिश्चित: प्रशासन सतर्क

सहकारी समीतियों एवं निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को वितरित की जा रही

Chhindwara 20 July 2025

छिन्दवाड़ा यशो:- खरीफ सीजन में छिन्दवाड़ा जिले के किसानों को यूरिया की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने प्रशासन पूरी गंभीरता से जुटा हुआ है। बीते दो दिनों में इफको एवं आईपीएल कंपनियों की दो रेक पहुंचीं हैं, जिनसे 4100 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति छिन्दवाड़ा में हो चुकी है।

इसके अलावा ब्रह्मपुत्र और चंबल कंपनियों की दो अन्य रेकें भी पहुंच चुकी हैं, जिनसे अगले एक-दो दिनों में 3000 मीट्रिक टन अतिरिक्त यूरिया की उपलब्धता होगी।

यह खाद मार्कफेड के गोदामों, प्राथमिक सहकारी समितियों एवं चिन्हित निजी विक्रेताओं के माध्यम से किसानों को वितरित की जा रही है। जिलेभर में यूरिया का वितरण तेज़ गति से प्रारंभ किया जाएगा। जिले के किसानों को खाद की उपलब्धता कराने प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है और जिले को में खाद की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कराये जाने के लिये जिला प्रशासन नजन बनाये हुये है ।

जिला कलेक्टर ने निजी विक्रेताओं की मनमानी पर भी रोक के लिये अधिकारियों को निर्देश दिये है तथा किसानों से भी तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही खाद लेने की अपील की है भंडारण करने से बचने की सलाह दी है ।

कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह स्वयं प्रतिदिन यूरिया की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि विभाग, मार्कफेड एवं सहकारिता विभाग को निर्देश दिए हैं कि यूरिया का वितरण पूर्णत: सुव्यवस्थित, पारदर्शी और नियमानुसार सुनिश्चित किया जाए, जिससे हर किसान को समय पर आवश्यक खाद प्राप्त हो सके।

खाद विक्रय में गड़बडी करने पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश

निजी विक्रेताओं के माध्यम से यूरिया का वितरण अब कृषि विभाग के अधिकारियों की निगरानी में ही होगा। यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने एवं अनियमितताओं को रोकने के उद्देश्य से की गई है।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि कोई विक्रेता शासन द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया बेचते हुए अथवा टैगिंग (अन्य वस्तुओं के साथ जबरन बिक्री) जैसे कार्य में संलिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

इसी के साथ प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अपनी तात्कालिक आवश्यकता के अनुसार ही यूरिया लें और अनावश्यक भंडारण से बचें, ताकि सभी कृषकों को समय पर खाद प्राप्त हो सके।

जिला प्रशासन द्वारा यह भी बताया गया है कि यूरिया आपूर्ति के लिए लगातार रेक मंगाने की योजना बनाई गई है, जिससे जिले में किसी प्रकार की खाद की कमी नहीं हो और कृषकगण निर्बाध रूप से अपनी कृषि कार्य कर सकें।

Dainikyashonnati

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