आँन लाईन सट्टे में ठगी पर महाराष्ट्र पुलिस आयुक्त भी गंभीर और एम पी में समान केश पर कार्यवाही शून्य
जबकि यहाँ का मामला और भी गंभीर था
सिवनी यशो:- महाराष्ट्र के नागपुर में ऑनलाइन गेमिंग के जरिए 58 करोड़ रुपये ठगने का मामला सामने आया है। इस मामले में नागपुर साइबर पुलिस ने कार्रवाई की तो आरोपी के घर से इतनी बड़ी मात्रा में नगदी मिली की पुलिस की आँखे फटी की फटी रह गयी और अनेक नोट गिनने की मशीने बुलाई गयी समाचारो के अनुसार करोडों़ रुपये की नकदी और सोने के विस्कुट, जेवरात, कई किलों चाँदी बरामद की गयी । नकदी गिनने के लिए पुलिस ने मौके पर कैश गिनने वाली मशीन मंगवाई । पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर और क्राइम विभाग की एक स्पेशल टीम बनाई है। हालांकि आरोपी भागने में सफल हो गया परंतु पुलिस ने जालसाजी सहित अनेक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है ।
हालांकि, यह समाचार महाराष्ट्र से संबंधित है, परंतु समाचार का उल्लेख करना सिवनी जिले एवं पडोसी जिलो मे चल रहे ऑनलाईन सट्टे के परिप्रेक्ष्य मे आवश्यक होने के साथ तुलनात्मक रूप से समाचार लिखना और पाठको तथा प्रशासनिक अमले के लिये बेहद आवश्यक महसूस हो रहा है, यहां यह बतातें कि, पुलिस ने ठगी के शिकार हुए एक व्यापारी की शिकायत पर सट्टा खिलाने वाले के विरूद्ध गंभीरता से कार्यवाही सुनिश्चित की, और पुलिस को बडी सफलता भी प्राप्त हुई है। कोई आश्चर्य नही होगा कि, सिवनी जिले के सटोरियों और ऑनलाईन क्रिकेट का सट्टा खिलानो वालो के नागपुर पुलिस द्वारा आरोपी बनाये गये व्यक्ति से संबंधो के तार जुडे हों, नागपुर की पुलिस ने केवल शिकायत पर ऑनलाईन सट्टे के माध्यम से ठगी करने वाले के विरूद्ध कार्यवाही की इस कार्यवाही मे पुलिस आयुक्त तक निगरानी बनाये हुए हैं, वहीं सिवनी जिला मुख्यालय मे पिछले दिनो ऑनलाईन सट्टा के माध्यम से दीपक अग्रवाल नामक व्यापारी ठगी का शिकार हुआ है, जिसमे वह अपनी कई करोड रूपये की संपत्ति बर्बाद करने के बाद भी ऑनलाईन सट्टा खिलाने वालो के कर्ज से नही उबर पाने के कारण आत्मघाती कदम उठाने के लिये मजबूर हुआ, परंतु सिवनी पुलिस द्वारा इस पूरे मामले को ठंडे बस्ते मे डाल दिया गया, जबकि, यह सर्वविदित है कि, ऑनलाईन सट्टे और विशेषकर भारत के लोकप्रिय खेल क्रिकेट को सट्टेबाजो ने जनता को लूटने का सुलभ माध्यम बना लिया है, जिससे क्रिकेट जैसा प्रतिष्ठित खेल भी बुरी तरह से बदनाम हो रहा है।
महाराष्ट्र की पुलिस द्वारा व्यापारी की शिकायत पर कार्यवाही सुनिश्चित की, और सिवनी पुलिस ठगी के शिकार हुए व्यक्ति के द्वारा आत्म हत्या जैसे कदम उठाने के बाद भी ऑनलाईन सट्टा खिलाने वालो के विरूद्ध कार्यवाही को दबाने मे लगी रही, ऑनलाईन सट्टा चलाने वालो और पुलिस के बीच का यह तालमेल सिवनी सहित पडोसी जिलो के लिये कितना घातक सिद्ध हो रहा है, यह सहजता से समझा जा सकता है, और पुलिस अपराधियों के विरूद्ध ठोस कदम उठाने मे कितनी मजबूर है, और यह मजबूरी क्यों है, इसे भी सहजता से समझा जा सकता है।
चल रही चर्चाओं के अनुसार सिवनी के व्यापारी दीपक अग्रवाल द्वारा कर्जे से परेशान होकर आत्महत्या का प्रयास किया गया, परंतु कुशल चिकित्सको के कारण वह स्वस्थ हो गया, परंतु इसके साथ ही दलालों के माध्यम से इस पूरे प्रकरण पर पर्दा डालने का लगभग सफल प्रयास किया जा रहा है, और सटोरियों तथा ब्याज माफियाओं की जो सूची प्राप्त हुई है, उनसे एक खद्दडधारी मोटी रकम लेकर अपनी दुकान को चमका रहा है, इस मामले मे पुलिस भी कहीं ना कहीं सहयोगी की भूमिका मे संभव है, और हमारे यहां गंभीर अपराधों को भी कितनी सहजता से और सेटिंग से निपटा दिया जाता है, यह इस पूरे प्रकरण से स्पष्ट हो रहा है।



