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सिवनी में जनजातीय विरासत को मिलेगा नया आयाम: बनेगा सांस्कृतिक संग्रहालय, पर्यटन से जुड़ेंगे ऐतिहासिक स्थल

कलेक्टर ने जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों से किया संवाद | रोजगार-स्वरोजगार, वनाधिकार, शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी लिए अहम फैसले

सिवनी में जनजातीय संस्कृति को मिलेगा नया आयाम, बनेगा सांस्कृतिक संग्रहालय

Seoni 13 August 2026
सिवनी यशो:- जिले की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है।

कलेक्टर सभाकक्ष में कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना की अध्यक्षता में जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों की सार्थक परिचर्चा आयोजित की गई।

सिवनी में जनजातीय सांस्कृतिक संग्रहालय को लेकर कलेक्टर नेहा मीना की बैठक
कलेक्टर नेहा मीना ने जनजातीय संगठनों के साथ की परिचर्चा

बैठक में संस्कृति संरक्षण से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य, वनाधिकार दावे, रोजगार, स्वरोजगार और पर्यटन विकास जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, डीएफओ महेंद्र सिंह उईके, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

जिले में बनेगा जनजातीय सांस्कृतिक संग्रहालय

परिचर्चा के दौरान जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने जिला मुख्यालय में जनजातीय सांस्कृतिक संग्रहालय स्थापित करने की मांग रखी।

प्रतिनिधियों ने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से जिले की जनजातीय संस्कृति, परंपराओं, कला, जीवनशैली और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाया जा सकेगा।

कलेक्टर ने इस मांग को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को संग्रहालय स्थापना का प्रस्ताव तैयार कर शासन स्तर पर भेजने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदाय की संस्कृति और परंपराएं जिले की महत्वपूर्ण सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनका संरक्षण केवल सांस्कृतिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।

ऐतिहासिक और देवस्थलों को पर्यटन से जोड़ने की तैयारी

कलेक्टर ने जिले के जनजातीय ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले स्थलों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। इन स्थलों को टूरिज्म काउंसिल के माध्यम से पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने की संभावनाओं का परीक्षण करने को कहा गया।

उन्होंने कहा कि जनजातीय संस्कृति और विरासत को पर्यटन से जोड़ने से इन स्थानों को व्यापक पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित किए जा सकेंगे।

प्रतिनिधियों की मांग पर मठघोघरा, रिछारिया और भीमघाट सहित अन्य देवस्थलों के उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण तथा इन देवस्थलों को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के संबंध में भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

जनजातीय क्षेत्रों में लगेंगे स्वरोजगार शिविर

स्वरोजगार से जुड़े विषयों पर कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह को जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में क्लस्टरवार शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए।

इन शिविरों में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी देने के साथ मौके पर आवेदन लेने और उन्हें योजनाओं से जोड़ने की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही आधार, समग्र और बैंक खाते से जुड़ी समस्याओं का भी मौके पर निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

सीताफल किसानों के लिए होगी बायर-सेलर मीट

जनजातीय किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कलेक्टर ने सीताफल उत्पादक जनजातीय किसानों के लिए वृहद बायर-सेलर मीट आयोजित करने के निर्देश दिए।

इससे किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उन्हें सीधे खरीदारों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर बाजार और उचित अवसर मिल सके।

जनजातीय शिल्पकारों को मिलेगा बेहतर बाजार

बैठक में जनजातीय शिल्पकारों के मुद्दे पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर ने जनजातीय शिल्पकारों को ट्राइबल फेडरेशन ऑफ इंडिया से जोड़ने के प्रयास करने के निर्देश दिए।

इससे पारंपरिक जनजातीय उत्पादों को बेहतर बाजार और विपणन के अवसर मिल सकेंगे। साथ ही पारंपरिक कला और शिल्प को संरक्षित करते हुए शिल्पकारों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

छात्रावासों में हर महीने होगा स्वास्थ्य परीक्षण

शिक्षा और स्वास्थ्य के विषय पर कलेक्टर ने बताया कि जिले के सभी छात्रावासों में अध्ययनरत बच्चों के लिए प्रतिमाह स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। प्रत्येक बच्चे का स्वास्थ्य कार्ड भी बनाया जा रहा है।

उन्होंने जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों की मांग पर विद्यार्थियों और युवाओं के लिए जिले एवं विकासखंड स्तर पर PSC, UPSC सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग और मार्गदर्शन की संभावनाओं पर काम करने के निर्देश दिए।

प्रतिभावान विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।

दिसंबर 2026 तक वनाधिकार दावों के निराकरण का लक्ष्य

वनाधिकार दावों के त्वरित निराकरण को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने 15 अगस्त को आयोजित होने वाली विशेष ग्राम पंचायतों में ग्राम स्तरीय वन समितियों के पुनर्गठन के निर्देश दिए।

उन्होंने पुराने लंबित और नए वनाधिकार दावों का आवश्यक दस्तावेजों एवं अभिलेखों के आधार पर परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा।

कलेक्टर ने दिसंबर 2026 तक लंबित पुराने और नए वनाधिकार दावों के नियमानुसार निराकरण का लक्ष्य रखते हुए नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।

वन विभाग से संबंधित समस्याओं पर भी उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए संबंधित प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण सुनिश्चित करने को कहा।

पुलिस से जुड़े मामलों में सहयोग का आश्वासन

जनजातीय संगठनों के प्रतिनिधियों ने पुलिस विभाग से जुड़े विभिन्न विषय भी बैठक में रखे। इन पर पुलिस अधीक्षक श्री कृष्ण लालचंदानी ने प्रतिनिधियों को आवश्यक कार्रवाई और सहयोग का आश्वासन दिया।

संस्कृति संरक्षण के साथ विकास पर प्रशासन का फोकस

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि जनजातीय समुदाय की समस्याओं का निराकरण और उनकी संस्कृति एवं परंपराओं का संरक्षण प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने अधिकारियों को जनजातीय संगठनों से प्राप्त सुझावों को विभागीय कार्ययोजनाओं में शामिल कर ठोस और परिणाममूलक पहल करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने कहा कि शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, बुनियादी सुविधाओं और शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा।

बैठक में हुई परिचर्चा से स्पष्ट है कि प्रशासन अब जनजातीय संस्कृति के संरक्षण को रोजगार, पर्यटन और आर्थिक विकास से जोड़ने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।

सांस्कृतिक संग्रहालय की स्थापना, ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन से जोड़ने, किसानों और शिल्पकारों को बाजार उपलब्ध कराने तथा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर देने जैसी पहल जिले के जनजातीय क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

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