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विश्वास सारंग विवाद: सहकारी समितियों के चुनाव पर चुप्पी, भाजपा के मंत्री पर कांग्रेस का तीखा हमला

सहकारी समितियों के चुनाव पर चुप्पी और झूठ भी राजनीति की मर्यादा नहीं

Chhindwara 27 December 2025

छिन्दवाड़ा यशो:-  विश्वास सारंग विवाद एक बार फिर मध्यप्रदेश की राजनीति में गरमा गया है। सहकारी समितियों के चुनाव को लेकर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की चुप्पी पर कांग्रेस ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जय सक्सेना ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अब व्यवस्था का हिस्सा बन चुका है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को योजनाबद्ध तरीके से कमजोर किया जा रहा है।

जय सक्सेना ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि केंद्र और राज्य की भाजपा सरकारों में अवैध ही नहीं, बल्कि वैध कार्यों के लिए भी “दाम तय” हो चुके हैं। मंत्री से लेकर कार्यकर्ता तक भ्रष्टाचार की यह राशि पहुंच रही है, जिसका सीधा बोझ आम जनता पर पड़ रहा है। इसी तंत्र को बनाए रखने के लिए सहकारी समितियों जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं को निष्क्रिय किया जा रहा है।

विश्वास सारंग विवाद: सहकारी समितियों के चुनाव क्यों नहीं?

जय सक्सेना ने सवाल उठाया कि –

जब सरकार पारदर्शिता की बात करती है,

तो फिर सहकारी समितियों के चुनाव लंबे समय से क्यों नहीं कराए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग की चुप्पी कई संदेह पैदा करती है।

उनका आरोप है कि-

चुनाव टालकर सरकारी तंत्र के माध्यम से समितियों में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है,

जिससे भाजपा समर्थकों को लाभ पहुंचाया जा सके।

भाजपा भ्रष्टाचार में डूबी, मंत्री मुद्दों पर मौन : जय सक्सेना

विश्वास सारंग विवाद पर तीखी टिप्पणी करते हुए जय सक्सेना ने कहा कि –

भाजपा भ्रष्टाचार में गले तक डूब चुकी है। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि –

भाजपा में शामिल होते ही सारे दाग धुल जाते हैं, लेकिन विश्वास सारंग के दाग ऐसे हैं जो कभी मिटने वाले नहीं हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सहकारिता मंत्री मुद्दों पर बात नहीं करते,

लेकिन झूठ को बड़ी सफाई से पेश करते हैं।

सहकारी समितियों को चुनाव से वंचित रखकर उन्हें भ्रष्टाचार का केंद्र बनाया जा रहा है।

विश्वास सारंग विवाद और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल

जय सक्सेना ने कहा कि सहकारी समितियाँ किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं,

लेकिन भाजपा सरकार इन्हें राजनीतिक लाभ के लिए कमजोर कर रही है।

चुनाव रोककर जनता के अधिकार छीने जा रहे हैं, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र पर हमला है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही सहकारी समितियों के चुनाव नहीं कराए गए,

तो कांग्रेस इस मुद्दे को सड़क से सदन तक उठाएगी।

https://picmp.com/2025/12/24/elections-were-not-held-but-the-cooperative-movement-was-successful-claims-vishwas-sarang/

Dainikyashonnati

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