मनरेगा का नाम बदला तो भड़की कांग्रेस, छिंदवाड़ा में गांधी चौक पर बड़ा विरोध प्रदर्शन 21 दिसंबर को गांधी चौक पर विरोध प्रदर्शन
भाजपा की पहचान काम से नहीं, नाम बदलने से— जिला कांग्रेस अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे का तीखा हमला
Chhindwara 19 December 2025
छिंदवाड़ा यशो:- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदले जाने को लेकर देशभर में कांग्रेस ने विरोध का बिगुल फूंक दिया है। इसी कड़ी में छिंदवाड़ा में भी कांग्रेस 21 दिसंबर को गांधी चौक (फव्वारा चौक) पर जोरदार विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार विकास नहीं, बल्कि नाम बदलने की राजनीति कर रही है, जिससे जनहित की योजनाओं की मूल भावना को खत्म किया जा रहा है।
“भाजपा की पहचान काम से नहीं, नाम बदलने से” – ओकटे
जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विश्वनाथ ओकटे ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि –
मनरेगा जैसी ऐतिहासिक योजना को वर्ष 2006 में कांग्रेस सरकार ने लागू किया था, जिसने ग्रामीण भारत को 100 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी।
उन्होंने कहा कि-
भाजपा अपने लंबे कार्यकाल में ऐसी कोई ठोस रोजगार योजना नहीं ला सकी, इसलिए अब वह नाम बदलकर राजनीति चमकाने का प्रयास कर रही है।
नाम बदला, राजनीति गरमाई
श्री ओकटे ने आरोप लगाया कि
“महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर
‘वीबी विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’
करना भाजपा की सोची-समझी राजनीतिक साजिश है।”
कांग्रेस का कहना है कि यह केवल नाम परिवर्तन नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के नाम और कांग्रेस की जनकल्याणकारी विरासत को मिटाने का प्रयास है।
देशव्यापी आंदोलन, छिंदवाड़ा भी मैदान में
कांग्रेस द्वारा इस मुद्दे पर देशव्यापी आंदोलन किया जा रहा है। इसी के तहत
📍 दिनांक: 21 दिसंबर 2025 (रविवार)
🕜 समय: दोपहर 1:30 बजे
📌 स्थान: महात्मा गांधी चौक (फव्वारा चौक), छिंदवाड़ा
शहर कांग्रेस कमेटी द्वारा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में पहुंचने की अपील
शहर कांग्रेस अध्यक्ष पप्पू यादव ने शहर कांग्रेस के सभी पदाधिकारियों,
पार्षदों और कार्यकर्ताओं से अपील की है कि-
वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भाजपा की नाम बदलो नीति के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।
राजनीति में क्यों आया उबाल?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि
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मनरेगा ग्रामीण भारत की रीढ़ मानी जाती है
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योजना के नाम से “महात्मा गांधी” हटाना भावनात्मक और वैचारिक मुद्दा है
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इसी कारण कांग्रेस इसे जनभावनाओं से जोड़कर बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना रही है
मनरेगा के नाम परिवर्तन ने एक बार फिर कांग्रेस बनाम भाजपा की वैचारिक लड़ाई को तेज कर दिया है।
अब निगाहें इस पर हैं कि –
गांधी चौक पर होने वाला प्रदर्शन कितना असरदार होता है और
क्या यह आंदोलन प्रदेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर और तेज़ होता है।


