नारी की शक्ति नदी की तरह – अविराम, अक्षय और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला : शान्तक्का दीदी
मिशन स्कूल मैदान में राष्ट्र सेविका समिति का भव्य पथ संचलन, भारत माता की जय से गूंजा नगर
Seoni 04 January 2026
सिवनी यशो:- “नारी की शक्ति नदी की तरह है, जो सदा बहती रहती है”—यह उद्घोष राष्ट्र सेविका समिति की प्रमुख संचालिका शान्तक्का दीदी ने मिशन स्कूल मैदान में आयोजित राष्ट्रीय विकास समिति के भव्य पथ संचलन कार्यक्रम में व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि नारी आज केवल परिवार तक सीमित नहीं, बल्कि ऑपरेशन सिंदूर से लेकर अंतरिक्ष तक अपनी सामर्थ्य का लोहा मनवा चुकी है।

आक्रमणों के बीच भी नारी ने बचाई भारतीय संस्कृति
शान्तक्का दीदी ने कहा कि –
भारत पर हजारों आक्रमण हुए, फिर भी नारियों ने भारतीय संस्कृति, परंपरा और मूल्यों की रक्षा की। आज आवश्यकता है कि नारी अपनी आंतरिक शक्ति को पहचाने और “नारी से नारायणी” बनने का संकल्प ले।
नित्य शाखा से बनता है समरस समाज
नित्य शाखा के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि
-
नियमित मिलन से आपसी प्रेम और समरसता बढ़ती है
-
कदम मिलाकर चलना, गणवेश और अनुशासन एकरूपता व संगठित शक्ति के प्रतीक हैं
-
“दक्ष” का अर्थ है योजना-बद्ध और निरंतर कार्य
उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे कार्यों से ही बड़े सामाजिक परिवर्तन आते हैं और सज्जन समाज से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण होता है।

वसुधैव कुटुम्बकम्—आचरण से, भाषण से नहीं
उन्होंने स्मरण कराया कि-
हजारों वर्ष पहले हमारे ऋषि-मुनियों ने “वसुधैव कुटुम्बकम्” का विचार दिया। यह केवल भाषणों से नहीं, बल्कि नित्य शाखा के अभ्यास से आचरण में उतरता है। समाज को सिखाने का सबसे प्रभावी माध्यम स्वयं का आचरण है।
महापुरुषों के निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका
शान्तक्का दीदी ने कहा कि प्रकृति ने नारी को देवप्रदत्त वरदान दिए हैं—श्रेष्ठ संतति का निर्माण।
शिवाजी महाराज, बालगंगाधर तिलक, स्वामी विवेकानंद जैसे महापुरुषों के निर्माण के पीछे उनकी माताओं का अमूल्य योगदान रहा है।
नारी का कर्तव्य केवल परिवार नहीं, बल्कि समाज निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाना भी है।
निस्वार्थ सेवा, त्याग और सहनशीलता—यही नारी से नारायणी बनने का मार्ग है।
हिंदू समाज की सुरक्षा के लिए संगठन आवश्यक : संगीता मालू
कार्यक्रम में उदय पब्लिक स्कूल की संचालिका श्रीमती संगीता पवन मालू ने कहा कि
“हिंदू समाज सुरक्षित रह सके और गर्व से कह सके कि हम हिंदू हैं—इसके लिए राष्ट्र सेविका समिति जैसे संगठनों की भूमिका अत्यंत आवश्यक है।”
घोष के साथ निकला भव्य पथ संचलन
समिति की जिला कार्यवाहिका श्रीमती आशा दीदी ने सभी का आभार व्यक्त किया।
इसके पश्चात स्वयंसेविकाओं ने घोष (बैंड) के साथ भव्य पथ संचलन किया,

जो—
मिशन स्कूल
गणेश चौक
बरघाट नाका
काली चौक
शुक्रवारी बाजार
नगर पालिका होते हुए पुनः मिशन स्कूल पहुँचा।
नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया।
पूरा वातावरण “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम” के जयघोष से गूंज उठा।
वंदे मातरम के साथ भव्य समापन
अंत में सामूहिक वंदे मातरम गायन के साथ यह प्रेरणादायी, राष्ट्रभाव से ओतप्रोत कार्यक्रम संपन्न हुआ।



