📰 सिवनी की घटनाएं प्रदेश की कानून व्यवस्था और सरकार की साख पर गहरी चोट : मोहन सिंह चंदेल
सीबीआई जांच, सतर्कता इकाई के पुनर्गठन और लूट की राशि की ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की
Seoni 19 October 2025
सिवनी यशो:- पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस प्रत्याशी मोहन सिंह चंदेल ने सिवनी में लगातार सामने आ रही पुलिस संबंधी घटनाओं को प्रदेश की कानून व्यवस्था और सरकार की साख पर गहरी चोट बताया है। उन्होंने कहा कि “जब कानून के रखवाले ही अपराधी बन जाएं, तो आम जनता किस पर भरोसा करे।”
🔹 हवाला कांड और रिश्वत प्रकरण ने किया प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल
चंदेल ने कहा कि 8-9 अक्टूबर की दरमियानी रात को एक हवाला कारोबारी से तत्कालीन एसडीओपी श्रीमती पूजा पांडे एवं अन्य पुलिसकर्मियों द्वारा लगभग 3 करोड़ रुपये की लूट की घटना सामने आई थी।
उन्होंने कहा कि इस घोटाले का खुलासा सिवनी प्रेस जगत के सजग पत्रकारों ने किया, जिन्होंने प्रहरी की भूमिका निभाई। उन्होंने प्रेस साथियों की सराहना भी की।
उन्होंने आगे कहा कि “अभी इस घटना की जांच पूरी भी नहीं हुई थी कि अब एक हवलदार द्वारा रिपोर्ट दर्ज करने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग और 75 हजार रुपये लेते हुए लोकायुक्त द्वारा रंगे हाथ पकड़े जाने की खबर आई है।”
🔹 “क्या सिवनी की पुलिस निरंकुश हो गई है?”
मोहन सिंह चंदेल ने सवाल उठाया कि क्या सिवनी की पुलिस अब निरंकुश हो गई है, या फिर सरकार की अक्षमता के कारण प्रशासन व्यवस्था पर नियंत्रण नहीं रख पा रही है।
उन्होंने कहा कि ये घटनाएं दर्शाती हैं कि “प्रदेश में कानून के रखवालों के बीच भ्रष्टाचार और अपराध की मानसिकता कितनी गहरी जड़ें जमा चुकी हैं।”
🔹 केवल कार्रवाई नहीं, व्यवस्था सुधार जरूरी
चंदेल ने कहा कि यद्यपि इस मामले में एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है,
लेकिन यह केवल लक्षणों का इलाज है।
उन्होंने कहा कि –
“असली जिम्मेदारी उस तंत्र की है जिसने ऐसे अधिकारियों को संरक्षण दिया और
ऐसा माहौल बनाया जहां वर्दी के अंदर भ्रष्टाचार पनपता गया।”
🔹 मोहन सिंह चंदेल की मांगें
उन्होंने अपने बयान में सरकार से निम्न मांगें रखीं —
1️⃣ इस प्रकरण की सीबीआई या न्यायिक आयोग से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
2️⃣ पुलिस विभाग की आंतरिक सतर्कता इकाई (Vigilance Unit) का पुनर्गठन किया जाए।
3️⃣ लूट की राशि के स्रोत और उपयोग की वित्तीय ऑडिट रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
🔹 “जनता का विश्वास ही लोकतंत्र की नींव”
चंदेल ने कहा कि यदि सरकार इस मामले में पारदर्शिता नहीं दिखाती,
तो यह माना जाएगा कि वह अपराधियों को बचाने में लगी है।
उन्होंने कहा —
“लोकतंत्र में सबसे ऊपर जनता का विश्वास होता है, और आज वही विश्वास खतरे में है।”



