बड़ा खुलासा: कलेक्टर के आदेश की उड़ रही धज्जियां, बैनगंगा नदी में अवैध खेती जारी
प्रतिबंध के बावजूद नदी से सिंचाई, छपारा में तेजी से गिर रहा भूजल स्तर, जल संकट की बढ़ी आशंका
छपारा जल संकट अवैध सिंचाई
Seoni 18 March 2026
छपारा यशो:- जिले में जल संरक्षण को लेकर प्रशासन भले ही सख्त नजर आ रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। कलेक्टर के स्पष्ट आदेश के बावजूद बैनगंगा नदी में अवैध खेती और सिंचाई का सिलसिला जारी है, जिससे आने वाले दिनों में जल संकट गहराने की आशंका बढ़ गई है।

दरअसल, जिला प्रशासन ने 15 मार्च से 31 जुलाई तक नलकूप खनन, नदी, शासकीय तालाब और अन्य प्राकृतिक स्रोतों से सिंचाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। इसके बावजूद छपारा क्षेत्र में बैनगंगा नदी की धारा को चीरकर अवैध रूप से खेती की जा रही है, जो सीधे तौर पर प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना है।
बैनगंगा की घटती धारा, बढ़ता संकट
सिवनी जिले सहित आसपास के क्षेत्रों को जल उपलब्ध कराने वाली बैनगंगा नदी अब पतली धारा में सिमटती नजर आ रही है। नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे भूजल स्तर पर भी असर साफ दिखाई दे रहा है।
छपारा में शुरू हुआ जल संकट का असर
छपारा नगर के कई वार्डों में जल संकट की स्थिति धीरे-धीरे बनने लगी है। लोगों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है और गर्मी के चरम पर स्थिति और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
छपारा जल संकट अवैध सिंचाई – प्रशासनिक आदेश बेअसर?
स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध खेती और सिंचाई पर रोक लगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। यही कारण है कि खुलेआम नियमों का उल्लंघन जारी है।
चेतावनी: अभी नहीं संभले तो हालात होंगे भयावह
विशेषज्ञों के अनुसार यदि वर्तमान स्थिति पर तत्काल नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले महीनों में छपारा सहित सिवनी जिले के कई हिस्सों में गंभीर जल संकट उत्पन्न हो सकता है।





