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सिवनी में ‘सफेद पाउडर’ का जाल: युवाओं को बना रहा नशे का शिकार, गांव तक फैल रहा नेटवर्क

शहर के सुनसान इलाकों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक पहुंचा नशे का कारोबार, परिवारों में बढ़ रही चिंता

सिवनी नशा कारोबार

Seoni 28 March 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश के सिवनी जिले में इन दिनों ‘सफेद पाउडर’ सहित अन्य नशीले पदार्थों का अवैध कारोबार तेजी से फैलता नजर आ रहा है। यह समस्या अब केवल शहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी अपनी पैठ बना चुकी है, जिससे समाज के हर वर्ग में चिंता बढ़ती जा रही है।

युवाओं को बना रहे निशाना

जानकारों के अनुसार, इस काले कारोबार में लिप्त लोग पहले युवाओं से नजदीकियां बढ़ाते हैं और धीरे-धीरे उन्हें नशे का आदी बना देते हैं। इसके बाद जो युवा इस महंगे नशे का खर्च नहीं उठा पाते, उन्हें ही इस अवैध धंधे में शामिल कर लिया जाता है।

बताया जाता है कि शहर के कई एकांत क्षेत्रों में युवाओं की भीड़ देखी जा सकती है, जहां कथित रूप से नशीले पदार्थों की सप्लाई की जाती है।

इन क्षेत्रों में सक्रियता की चर्चा

स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, लूघरवाड़ा, बींझावाड़ा, छिंदवाड़ा चौक, कटंगी रोड, डूंडासिवनी सहित कई क्षेत्रों में इस तरह की गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है। यहां कथित तौर पर “पंटर” अपने तय ग्राहकों को पहचानकर नशीले पदार्थ उपलब्ध कराते हैं।

ग्रामीण युवाओं तक पहुंचा नेटवर्क

सिवनी नशा कारोबार नेटवर्क अब ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को भी अपने जाल में फंसा रहा है। पढ़ाई के लिए शहर आने वाले छात्र-छात्राओं को भी निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह प्रवृत्ति आने वाले समय में गंभीर सामाजिक संकट का रूप ले सकती है।

महंगा नशा, खतरनाक अंजाम

सूत्रों के अनुसार, सफेद पाउडर की एक पुड़िया की कीमत हजारों रुपये तक पहुंच जाती है। नशे की लत बढ़ने के साथ इसकी कीमत भी बढ़ती जाती है। कई परिवार इस कारण आर्थिक और सामाजिक संकट झेल चुके हैं, लेकिन बदनामी के डर से खुलकर सामने नहीं आ पाते।

सिवनी नशा कारोबार – अपराध की ओर बढ़ते कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि नशे के आदी युवक अपनी जरूरत पूरी करने के लिए चोरी, लूट और अन्य आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ सकते हैं, जिससे कानून-व्यवस्था पर भी खतरा बढ़ता है।

 पुलिस और समाज की भूमिका अहम

सिवनी नशा कारोबार मामले में यह भी सामने आता है कि नशे के खिलाफ कार्रवाई केवल पुलिस के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। समाज और परिवारों को भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

हालांकि, पुलिस द्वारा समय-समय पर कार्रवाई की जाती है, लेकिन सामाजिक सहयोग के अभाव में इस तरह के नेटवर्क पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाते।

 जिम्मेदारी किसकी?

सिवनी नशा कारोबार मुद्दे पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इस काले कारोबार को संरक्षण कौन दे रहा है? हालांकि इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं है, लेकिन सामाजिक स्तर पर इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत महसूस की जा रही है।

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