“11 साल से जमी वार्डन पर शिकायत: कलेक्टर के निर्देश के बाद हरकत में प्रशासन, ‘नियमानुसार कार्रवाई’ का आश्वासन”
कस्तूरबा छात्रावास गोरखपुर मामला गरमाया, जनसुनवाई के बाद DPC ने दिया जवाब—अब जांच और कार्रवाई पर टिकी नजर
गोरखपुर छात्रावास वार्डन मामला सिवनी – कस्तूरबा छात्रावास
Seoni 08 April 2026
सिवनी यशो:- कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास गोरखपुर में वार्डन के लंबे कार्यकाल और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर उठे विवाद ने अब प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल तेज कर दी है।
मामले में शिकायत के बाद जिला कलेक्टर के समक्ष जनसुनवाई में आवेदन प्रस्तुत किया गया, जिस पर कलेक्टर द्वारा संज्ञान लेते हुए नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में जिला परियोजना समन्वयक (DPC) महेश बघेल ने स्पष्ट किया है कि—
👉 “कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।”
क्या है पूरा मामला?
गोरखपुर स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास में वार्डन पद पर एक ही व्यक्ति की लगभग 10-11 वर्षों से पदस्थापना को लेकर स्थानीय स्तर पर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
शासन के नियमों के अनुसार इस पद पर अधिकतम 03 वर्ष का कार्यकाल निर्धारित है, जिसके बावजूद लंबे समय से एक ही पदस्थापना होने से नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए जा रहे हैं।
शिकायतों में क्या-क्या आरोप?
स्थानीय पालकों और ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायतों में—
- छात्रावास संचालन में अनियमितता
- छात्राओं पर दबाव
- ट्यूशन फीस वसूली के आरोप
- शिक्षकों का तबादला और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित
जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही होगी।
नियुक्ति प्रक्रिया भी सवालों में
फरवरी 2026 में वार्डन के अतिरिक्त प्रभार हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे, लेकिन आवेदिकाओं को पावती नहीं मिलने और आदेश लंबित रहने से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठे हैं।
अब क्या होगा आगे?
कलेक्टर के निर्देश के बाद अब पूरा मामला जांच के दायरे में आने की संभावना है।
प्रशासन द्वारा यदि निष्पक्ष जांच की जाती है, तो—
✔ वार्डन पद की वैधता
✔ शिकायतों की सच्चाई
✔ चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता
सभी बिंदुओं पर स्पष्ट स्थिति सामने आ सकती है।
जनता की नजर प्रशासन पर
अब क्षेत्रवासियों और अभिभावकों की नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या वास्तव में नियमों के अनुसार कार्रवाई होती है।
https://www.starsamachar.com/satna-collector-show-cause-notice-cm-helpline-officers-action





