जिला अस्पताल पहुंचे विधायक रजनीश सिंह ठाकुर, केक खाने के बाद 8 बच्चों और शिक्षक की तबीयत बिगड़ी
सुआ प्राथमिक स्कूल में केक खाने के बाद मची हलचल, पां. छपारा स्वास्थ्य केंद्र से सभी को जिला अस्पताल किया गया रेफर; विधायक ने स्वास्थ्य प्रशासन से बेहतर इलाज के दिए निर्देश
सिवनी में केक खाने के बाद 8 बच्चों और शिक्षक की तबीयत बिगड़ी, विधायक रजनीश सिंह पहुंचे अस्पताल
Seoni 07 September 2026
सिवनी यशो:- केवलारी विधानसभा क्षेत्र की अंतिम सीमा पर स्थित उपतहसील उगली के अंतर्गत पां. छपारा क्षेत्र के सुआ प्राथमिक स्कूल में केक खाने के बाद आठ छात्र-छात्राओं सहित एक शिक्षक की तबीयत अचानक बिगड़ गई। घटना के बाद स्कूल परिसर और गांव में हड़कंप मच गया। बच्चों और शिक्षक को तत्काल पां. छपारा स्थित सरकारी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां प्राथमिक जांच के बाद सभी को बेहतर स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार के लिए जिला चिकित्सालय सिवनी रेफर किया गया।

घटना की जानकारी मिलने के बाद केवलारी विधायक रजनीश सिंह ठाकुर सोमवार को जिला चिकित्सालय पहुंचे और बच्चों तथा शिक्षक के स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने स्वास्थ्य प्रशासन से सभी को उचित और प्रभावी उपचार उपलब्ध कराने की बात कही। बच्चों की हालत में सुधार की जानकारी मिलने पर विधायक ने संतोष व्यक्त किया।
केक खाने के कुछ देर बाद बिगड़ी तबीयत
शाला प्रबंधन और प्रधान पाठक से मिली जानकारी के अनुसार जन्माष्टमी और शिक्षक दिवस के अवसर पर बच्चों ने पां. छपारा की एक दुकान से केक खरीदा था। स्कूल में केक काटकर खाने के बाद कुछ समय पश्चात बच्चों को जी मचलने सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी शिकायतें होने लगीं।
स्थिति की जानकारी मिलते ही बच्चों को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्रारंभिक उपचार एवं जांच के बाद चिकित्सकों ने बच्चों और शिक्षक को जिला चिकित्सालय सिवनी रेफर कर दिया।
फूड पॉइजनिंग की पुष्टि नहीं, जांच के बाद सामने आएगा कारण
बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बाद मामले को लेकर फूड पॉइजनिंग या संक्रमण की आशंका जताई जा रही है, लेकिन चिकित्सकीय रूप से अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार तबीयत बिगड़ने का वास्तविक कारण जांच और चिकित्सकीय परीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस उस समय लखनादौन क्षेत्र में होने के कारण बच्चों को तत्काल निजी वाहन से सिवनी जिला अस्पताल भेजा गया, ताकि उपचार में किसी प्रकार की देरी न हो।
आठ बच्चों और एक शिक्षक का स्वास्थ्य परीक्षण
जिला अस्पताल में जिन बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया, उनमें पीहू पिता गणेश मरकाम (11), दीक्षा पिता दुर्गेश (6), दिव्या पिता मेनसिंह मर्सकोले (10), नंदनी पिता राकेश (10), फरदीन पिता दिनेश उइके (9), प्रेम पिता गणेश मरकाम (8), आयुष पिता हेमराज मर्सकोले (7) और शिवा पिता विनोद मरकाम (9) शामिल हैं।
इनके अलावा शिक्षक सत्येंद्र सोनवाने (36) का भी चिकित्सकों द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया जा रहा है।
अधिकांश बच्चों की हालत स्थिर
जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती बच्चों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। शिक्षक सत्येंद्र सोनवाने को वायरल संक्रमण की शिकायत बताई गई है तथा उनका एसपीओ2 स्तर कम पाया गया है। चिकित्सकीय टीम द्वारा बच्चों और शिक्षक की लगातार निगरानी की जा रही है।
24 घंटे बाद खाया गया था केक, जांच के दायरे में मामला
पां. छपारा स्थित जलपान दुकान के संचालक के अनुसार बच्चों ने 4 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे दुकान से केक खरीदा था। इसके बाद 5 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे केक खाने के बाद बच्चों की तबीयत बिगड़ने की जानकारी सामने आई।
दुकान संचालक ने बताया कि केक बालाघाट स्थित मंथन बेकरी से मंगवाया जाता है। घटना की जानकारी मिलने के बाद वह स्वयं स्कूल पहुंचे और उसी केक को खाकर भी देखा, लेकिन उन्हें किसी तरह की परेशानी नहीं हुई।
हालांकि, बच्चों द्वारा केक को लगभग 24 घंटे तक किस स्थान और किस स्थिति में रखा गया था, इसकी जानकारी स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में केक खाने और बच्चों की तबीयत बिगड़ने के बीच सीधा संबंध है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
बारिश के मौसम में स्वास्थ्य विभाग की जांच तेज
वर्तमान में बारिश का मौसम होने के साथ संक्रमण की संभावनाओं को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले को गंभीरता से देख रहा है। बच्चों की तबीयत बिगड़ने के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए चिकित्सकीय जांच की जा रही है।
घटना की जानकारी मिलने के बाद गांव के सरपंच अशोक राहंगडाले भी अन्य ग्रामीणों के साथ स्कूल पहुंचे और घटनास्थल की स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों ने बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
विधायक ने लिया अस्पताल पहुंचकर जायजा
घटना के बाद केवलारी विधायक रजनीश सिंह ठाकुर का जिला अस्पताल पहुंचना भी चर्चा में रहा। विधायक ने अस्पताल में बच्चों एवं शिक्षक के स्वास्थ्य की जानकारी ली और स्वास्थ्य प्रशासन से इलाज में किसी प्रकार की कमी न रहने देने को कहा।
उन्होंने चिकित्सकों से उपचार की स्थिति की जानकारी लेते हुए सभी बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। बच्चों की हालत में सुधार की जानकारी मिलने पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्चों की तबीयत केक खाने के कारण बिगड़ी या इसके पीछे कोई अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण था।
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