सागर नकली शराब कांड में बड़ा एक्शन: 3 अधिकारी निलंबित, एक मुख्यालय अटैच
सीएम डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद कार्रवाई, बंडा तहसील के तीन गांवों में नकली शराब से मौतों का मामला
सागर नकली शराब कांड में बड़ा एक्शन, 3 अधिकारी निलंबित; एक मुख्यालय अटैच
Bhopal 07 September 2026
भोपाल/सागर यशो :- सागर जिले की बंडा तहसील में नकली शराब पीने से हुई मौतों के मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले में तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि एक वरिष्ठ अधिकारी को जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है। मुख्यमंत्री ने घटना के सामने आते ही स्पष्ट कर दिया था कि मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह मामला बंडा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों से सामने आया है। इन गांवों में कथित रूप से नकली शराब पीने के बाद कुछ लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोगों के प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
तीन आबकारी अधिकारी निलंबित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद सागर की सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बंडा वृत्त के आबकारी उप-निरीक्षक प्रोशनी उरेती को निलंबित कर दिया गया है।
वहीं, उपायुक्त एवं संभागीय फ्लाइंग स्क्वाड प्रभारी नीरजा श्रीवास्तव को सागर जिले से हटाकर ग्वालियर मुख्यालय अटैच किया गया है।
प्रशासन की इस कार्रवाई को घटना के प्रति सरकार की सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।
सीएम ने सुबह ही दिए थे सख्त निर्देश
घटना की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 6 सितंबर की सुबह वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर मामले की तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने प्रभारी मंत्री और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्र में तत्काल पहुंचकर घटना की जांच करने तथा दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही प्रभावित लोगों के लिए राहत और उपचार की समुचित व्यवस्था करने को भी कहा था।
वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सागर संभाग के कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर स्थिति की जानकारी ली।
अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के उपचार की व्यवस्था का जायजा भी लिया और चिकित्सकों से मरीजों की स्थिति की जानकारी ली। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
सरकार ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि घटना के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।
अब जांच के दौरान यह भी सामने आने की उम्मीद है कि नकली शराब प्रभावित गांवों तक कैसे पहुंची, इसके पीछे कौन लोग जिम्मेदार हैं और संबंधित विभागीय स्तर पर कहीं लापरवाही हुई या नहीं। सरकार की कार्रवाई के बाद मामले में आगे और भी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।
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