“मंडला में विकास का ढाँचा ढहा: हॉकर ज़ोन की दीवार गिरी, दो वाहन पानी में समाए”
“9 साल में नहीं बसा हॉकर ज़ोन, लापरवाही ने ज़मीन पर ला पटका”
Mandla 24 June 2024
सिवनी यशो:-नगर के हृदयस्थल उदय चौक क्षेत्र में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कमानिया पुल के पास बना हॉकर ज़ोन अचानक भरभराकर ढह गया। इस घटना में वहां खड़े दो दोपहिया वाहन बहते पानी में समा गए। गनीमत रही कि हादसे के समय कोई व्यक्ति पास नहीं था, वरना जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता।
इस हॉकर ज़ोन का निर्माण वर्ष 2015 में लाखों रुपये की लागत से कराया गया था, जिसका लोकार्पण तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा किया गया था। लेकिन विडंबना यह रही कि 9 वर्षों में यह ज़ोन कभी सक्रिय नहीं हो सका और अब निर्माण की गुणवत्ता तथा देखरेख की पोल खुल गई है।
पार्किंग निर्माण की खुदाई बनी हादसे की वजह
उदय चौक की पुरानी खाई में इन दिनों पार्किंग स्थल का निर्माण कार्य चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ठेका कम्पनी ने निर्माण के दौरान न तो पानी निकासी की कोई व्यवस्था की और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया। यही नहीं, लगातार बारिश और जमा पानी के दबाव से हॉकर ज़ोन की दीवार ढह गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, 15 से 20 फीट गहराई तक की गई खुदाई और भारी वाहनों की आवाजाही ने दीवार की नींव कमजोर कर दी थी। ठेकेदार द्वारा निर्माण सामग्री जैसे रेत आदि दीवार के एकदम पास रख दी गई थी, जिससे भारी दबाव बना।

ठेकेदार-इंजीनियर की लापरवाही से शासन को बड़ा नुकसान।
न कोई चेतावनी, न कार्रवाई
स्थानीय नागरिकों और पार्षदों ने नगर पालिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कई बार ठेका कम्पनी की लापरवाही और निर्माण की घटिया गुणवत्ता की शिकायत की गई, लेकिन इंजीनियर और नगर पालिका प्रशासन ने आंख मूंद ली। नतीजा – जनता के पैसे से बना निर्माण खुद ही ढह गया।
सूत्रों के अनुसार, ठेका कम्पनी पिछले कुछ दिनों से काम छोड़कर गायब है। घटना के बाद मौके पर पहुंचे नगर पालिका अध्यक्ष और तहसीलदार ने पानी निकासी को लेकर रणनीति बनाने की बात तो कही, लेकिन जिस दिशा में पानी निकालना है, वहां अतिक्रमण के चलते कार्य बाधित हो रहा है।
अतिक्रमण बना संकट, निकासी असंभव
जिस खाई में पानी की निकासी होनी थी, वहां पर दर्जनों मकान बन चुके हैं। बिजली-पानी जैसी सुविधाएं भी इन अतिक्रमण क्षेत्रों को दी जा चुकी हैं। सब्जी मंडी से चंदा होटल तक फैली इस खाई का बड़ा हिस्सा अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू
एक पार्षद ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नगर पालिका में इंजीनियर जयप्रकाश डेहरिया विगत आठ वर्षों से पदस्थ हैं, जिनके कार्यों की गुणवत्ता अक्सर सवालों के घेरे में रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदारों को उपकृत करने के लिए मनमाने निर्माण कराए जाते हैं।
नगर पालिका के कई अन्य निर्माण कार्य, जैसे महाराजपुर और लालीपुर चौराहा से चिलमन चौक तक, विवादों और गुणवत्ता पर सवालों के घेरे में हैं। ठेकेदार के द्वारा ‘ठेके पर ठेकाÓ देकर निर्माण कराना आम बात हो गई है।
क्या कहती है प्रशासन?
घटना की जानकारी मिलते ही तहसीलदार हिमांशु भलावी, नगर पालिका अध्यक्ष, इंजीनियरिंग विभाग और राजस्व अमला मौके पर पहुंचा। घटनास्थल को बेरिकेडिंग कर सील कर दिया गया है। अधिकारियों ने पानी निकासी और जांच का भरोसा दिया है, लेकिन अब तक ठेकेदार या इंजीनियर के खिलाफ कोई स्पष्ट कार्रवाई नहीं हुई है।
जनता का सवाल:
“जब निर्माण शुरू होता है तो उम्मीदें लगती हैं, लेकिन जब दीवारें बिना छुए ही गिर जाती हैं, तो जवाबदेही कौन तय करेगा?”



