बैगा आदिवासी बच्चों की मौत पर कांग्रेस ने उठाई मुआवजे और नौकरी की मांग
जिला कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ ने राष्ट्रपति के नाम कलेक्ट्रेट में सौंपा ज्ञापन; पीड़ित परिवारों को 50-50 लाख रुपए और एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग
बालाघाट में बैगा बच्चों की मौत पर कांग्रेस की मांग, पीड़ित परिवारों को 50 लाख और नौकरी
Chhindwara 05 September 2026
छिंदवाड़ा यशो:- बालाघाट जिले के आदिवासी अंचल बैहर, बिरसा और परसवाड़ा तहसील में पिछले दो माह के दौरान 30 बैगा आदिवासी बच्चों की मौत के मामले को लेकर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
जिला कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ ने प्रत्येक पीड़ित परिवार को 50-50 लाख रुपए की अनुग्रह राशि और परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग की है।
जिला कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट गेट पहुंचे और भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता के कारण बैगा आदिवासी परिवारों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
दो माह में 30 बैगा बच्चों की मौत का दावा
ज्ञापन में कहा गया कि बालाघाट जिले के बैहर, बिरसा और परसवाड़ा तहसील के आदिवासी क्षेत्रों में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह में शामिल बैगा समाज के 30 बच्चों की पिछले दो माह में मौत हो चुकी है। तेज बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित बच्चों को समय पर बेहतर उपचार नहीं मिल सका।
कांग्रेस ने कहा कि बच्चों की मौत से पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और सरकार की कथित लापरवाही के कारण स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
एक बेड पर तीन बच्चों के इलाज का आरोप
कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रभावित क्षेत्रों के अस्पतालों में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है।
कई स्थानों पर एक ही बेड पर तीन-तीन बच्चों का इलाज किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 130 बच्चे गंभीर रूप से बीमार बताए जा रहे हैं और उनका उपचार जारी है।
ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि बच्चों को पर्याप्त और संतोषजनक उपचार नहीं मिल रहा है। स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकीय संसाधनों, बेड और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों और उनके परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दो लाख रुपए की सहायता को बताया अपर्याप्त
कांग्रेस ने कहा कि सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को केवल दो लाख रुपए की सहायता राशि दी जा रही है, जो इतनी बड़ी त्रासदी के सामने पर्याप्त नहीं है। पार्टी ने प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को कम से कम 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने की मांग की।
इसके साथ ही कांग्रेस ने प्रत्येक पीड़ित परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग भी रखी, ताकि परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सके और वे अपने जीवन को दोबारा व्यवस्थित कर सकें।
प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने प्रभावित आदिवासी क्षेत्रों में तत्काल पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। पार्टी ने ग्रामीण अंचलों में चिकित्सकों, दवाओं, जांच सुविधाओं और अस्पतालों में पर्याप्त बेड की व्यवस्था करने की बात कही।
कांग्रेस ने ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था को भी तत्काल बहाल और सुलभ बनाने की मांग की, ताकि गंभीर रूप से बीमार बच्चों को समय पर बड़े अस्पतालों तक पहुंचाया जा सके।
सरकार पर आदिवासी विरोधी होने का आरोप
जिला कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार पर आदिवासी विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली के कारण लगातार लोगों की जान जा रही है, लेकिन सरकार इस गंभीर संकट को लेकर संवेदनशील नजर नहीं आ रही है।
कांग्रेस ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने की मांग की है।
यह भी पढ़े :-
महाकौशल एक्सप्रेस के संपादक शमीम खान पर हमले की छपारा नगर पत्रकार संघ ने की निंदा
टीचर्स डे पर CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान, ऑफलाइन होगी TET
कांग्रेस सेवादल ने सिवनी में नगर और ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्ति की



