15 करोड़ की रंगदारी नहीं दी तो 420 में फंसाने की धमकी, आदिवासी भूमि सौदे में बड़ा विवाद
जमीन खरीदने वाले अल्फाज शाह ने लगाया गंभीर आरोप, सरकारी रसूख और जेल भेजने की धमकी देने का दावा
Chhindwara January 19, 2026
छिंदवाड़ा यशो:- कुंडीपुरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम माल्हनवाड़ा में जमीन विवाद अब गंभीर आपराधिक आरोपों तक पहुंच गया है। विधिवत रूप से जमीन खरीदने वाले अल्फाज शाह उर्फ गोलू ने आरोप लगाया है कि उनसे 15 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है और रकम नहीं देने पर उनके खिलाफ धारा 420 के तहत प्रकरण दर्ज कराकर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए अल्फाज शाह पिता अल्ताफ निवासी ग्राम माल्हनवाड़ा ने बताया कि उन्होंने ग्राम खुटिया झांझरिया थाना चांद निवासी देवरावेन उर्फ देवीराम भलावी से जमीन की विधिवत रजिस्ट्री कराई है। इसके बावजूद आजाद कुरैशी निवासी ग्राम बिजोरी थाना तामिया, मोहिद खान उर्फ मोनू लाला पिता रहीस खान निवासी गुलाबरा, एवं मुबीन शाह पिता दिलदार शाह निवासी ग्राम माल्हनवाड़ा सहित अन्य लोगों द्वारा एक राय होकर उन्हें धमकाया जा रहा है।
“15 करोड़ दो नहीं तो पूरा परिवार जेल जाएगा”
अल्फाज शाह का आरोप है कि इन लोगों ने उनसे साफ शब्दों में कहा कि यदि 15 करोड़ रुपये नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ फर्जी तरीके से धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवा दिया जाएगा और उन्हें तथा उनके परिवार को जेल की हवा खिलवाई जाएगी। पीड़ित के अनुसार आजाद कुरैशी लगातार फोन कर दबाव बना रहा है और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
सरकारी गाड़ी और बड़े रसूख का डर दिखाने का आरोप
पीड़ित ने मामले को और भी गंभीर बताते हुए कहा कि धमकी देने वाले लोग स्वयं को प्रभावशाली बताकर सरकारी नंबर की गाड़ी में घूमते हैं और प्रदेश स्तर के अधिकारियों से नजदीकी का हवाला देते हैं। अल्फाज शाह का आरोप है कि दो बार एक व्यक्ति को लोकायुक्त का असिस्टेंट बताकर पेश किया गया और बातचीत के दौरान सांसद के प्रति भी अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया।
पुलिस से निष्पक्ष जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग
पूरे मामले को लेकर अल्फाज शाह ने कुंडीपुरा थाना पुलिस से लिखित शिकायत कर निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि विधिवत खरीदी गई जमीन पर भी इस तरह रंगदारी और धमकी का सामना करना पड़े, तो आम नागरिक की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
पीड़ित ने मांग की है कि रंगदारी, धमकी और फर्जी मुकदमे में फंसाने की कोशिशों की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि कानून का भय कायम हो और आम नागरिक सुरक्षित रह सके।



