कंडीपार धान उपार्जन केंद्र में रात के अंधेरे में बड़ा खेल!
नियमों को रौंदकर ट्रक से उतारी गई धान, व्यापारी–तंत्र की भूमिका संदिग्ध
Seoni 18 January 2026
सिवनी यशो:-जिले के कंडीपार में संचालित धान उपार्जन केंद्र एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गया है। गुरुवार रात करीब 9 बजे के बाद, जब शासन के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार धान परिवहन व उतारना पूर्णतः प्रतिबंधित है, उसी दौरान ट्रक क्रमांक HP 28 C 8251 से धान उतारे जाने का मामला सामने आया है। इस घटना ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता और ईमानदारी पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।
प्रभारी बोले – हमें कोई जानकारी नहीं
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि –
जब इस पूरे मामले को लेकर उपार्जन केंद्र प्रभारी से चर्चा की, तो उन्होंने साफ तौर पर कहा कि –
उन्हें रात में धान उतरने की कोई सूचना नहीं दी गई थी।
प्रभारी ने यह भी स्वीकार किया कि यदि रात के समय धान उतारी गई है, तो यह शासन के नियमों का सीधा उल्लंघन है।
व्यापारियों पर गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार उक्त ट्रक से उतारी गई धान को सिवनी के व्यापारी द्वारा केंद्र में डंप कराया गया है।
ग्रामीणों और किसानों का आरोप है कि यह धान बाहर से लाई गई है,
जिसे बाद में स्थानीय किसानों के नाम पर समर्थन मूल्य पर खरीदी दिखाने की तैयारी की जा रही थी।
यदि यह आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला सरकारी धन की लूट और किसानों के हक पर डाका माना जाएगा।
पुलिस मौके पर पहुँची, पर कार्रवाई नदारद
घटना की शिकायत मिलते ही डूंडासिवनी थाना पुलिस रात में मौके पर पहुँची, लेकिन इसके बाद जो हुआ उसने कई संदेह पैदा कर दिए। पुलिस द्वारा जब संबंधित व्यापारी को फोन कर थाने या केंद्र बुलाया गया,
तो व्यापारी ने कथित रूप से पुलिस को गुमराह करते हुए सुबह 9 बजे आने की बात कही, लेकिन न व्यापारी पहुँचा और न ही ट्रक।
सबसे गंभीर सवाल यह है कि
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अब तक ट्रक जब्त क्यों नहीं हुआ?
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व्यापारी पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
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क्या रात में मौके पर पहुँचे अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है?
ग्रामीणों में आक्रोश, रफा-दफा की आशंका
घटना के बाद क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि-
यह पूरा मामला दबाने की कोशिश की जा रही है।
इसी आशंका के चलते शिकायतकर्ता और ग्रामीण थाने पहुँचे, जहाँ थाना प्रभारी ने जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी है बाहरी धान
गौरतलब है कि –
इससे पहले भी जिले में उत्तर प्रदेश से लाई गई धान से भरे तीन ट्रक प्रशासन द्वारा जब्त किए जा चुके हैं।
बावजूद इसके, कुछ उपार्जन केंद्रों पर बाहरी धान को स्थानीय किसानों के नाम पर खरीदी दिखाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
खरीदी प्रभारियों की भूमिका भी कटघरे में
हालांकि खरीदी प्रभारी खुद को अनजान बता रहे हैं,
लेकिन बार-बार हो रही ऐसी घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि-
या तो निगरानी तंत्र पूरी तरह विफल है या फिर जानबूझकर आंखें मूंदी जा रही हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि—
क्या पुलिस और प्रशासन दोषियों पर सख्त कार्रवाई करेगा?
या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह फाइलों में दफन कर दिया जाएगा?
पूरा कंडीपार क्षेत्र इस समय इस सवाल का जवाब इंतजार कर रहा है।
पुलिस का कहना
जब हम पहुँचे तो ट्रक था, हम खाली ट्रक पर क्या कार्यवाही करते अब जाँच संबंधित विभाग का मामला है ।
चैनसिंह उईके
थाना प्रभारी डूंडासिवनी
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