छिंदवाड़ा गोलीकांड में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: अमित तुलस्यान दोषी, 5 साल की सजा
11 साल पुराने मामले में ट्रायल कोर्ट का फैसला पलटा, अन्य आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी
छिंदवाड़ा गोलीकांड का फैसला – मुख्य आरोपी को 5 साल की सजा
Chhindwara 03 May 2026
छिंदवाड़ा यशो:- मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने जिले के बहुचर्चित गोलीकांड मामले में अहम फैसला सुनाते हुए मुख्य आरोपी अमित तुलस्यान को दोषी ठहराया है।
अदालत ने निचली अदालत के बरी करने के निर्णय को पलटते हुए आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
2013 की घटना: परतला रेलवे क्रॉसिंग पर हमला
यह मामला वर्ष 2013 का है, जब छिंदवाड़ा के परतला रेलवे क्रॉसिंग के पास पुरानी रंजिश के चलते शिकायतकर्ता सलीमुद्दीन पर गोली चलाई गई थी।
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घटना के समय वह रेलवे फाटक पर रुका हुआ था, तभी पीछे से आई कार में सवार आरोपियों ने उस पर हमला किया। मुख्य आरोपी अमित तुलस्यान ने कट्टे से फायर किया, जिससे गोली उसकी पीठ में लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
ट्रायल कोर्ट का फैसला और राज्य सरकार की अपील
इस मामले में पुलिस ने अमित तुलस्यान के साथ चंद्रपाल सिंह, अंबिका, हरिओम उर्फ गोलू, बंटी तिवारी, छुटला और बोध सिंह को भी आरोपी बनाया था। ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
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हाईकोर्ट में दोनों पक्षों के तर्क
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को आरोपी के खिलाफ पर्याप्त बताया। वहीं बचाव पक्ष ने दावा किया कि घटना के समय आरोपी इंदौर में अस्पताल में भर्ती था और उसे झूठा फंसाया गया है।
अलिबी साबित नहीं हो पाया
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी द्वारा पेश किया गया ‘अलिबी’ ठोस साक्ष्यों से सिद्ध नहीं हो सका। अस्पताल में भर्ती होने से संबंधित कोई पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया, जिससे बचाव पक्ष का दावा कमजोर साबित हुआ।
गवाहों के बयान और मेडिकल साक्ष्य मजबूत
कोर्ट ने यह भी माना कि प्रत्यक्षदर्शी सलीमुद्दीन और अफसानुद्दीन के बयान विश्वसनीय हैं और उन्हें मेडिकल साक्ष्यों से पुष्टि मिलती है। घायल के बयान में भी आरोपी अमित का नाम स्पष्ट रूप से सामने आया, जिसे ट्रायल कोर्ट ने नजरअंदाज किया था।
जांच में कमियां, फिर भी सजा
हालांकि, न्यायालय ने जांच में कुछ कमियों का उल्लेख भी किया, जैसे हथियार की बरामदगी न होना और अलिबी की पूरी जांच न होना, लेकिन उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया गया।
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अन्य आरोपियों को राहत
वहीं अन्य आरोपी चंद्रपाल सिंह, अंबिका, हरिओम उर्फ गोलू, बंटी तिवारी, छुटला और बोध सिंह के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य न मिलने पर उन्हें राहत देते हुए अपील खारिज कर दी गई।
आरोपी को जेल भेजने का आदेश
हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल और अवनिन्द्र कुमार ने आदेश दिया कि दोषी अमित तुलस्यान को तत्काल हिरासत में लेकर जेल भेजा जाए। बाद में तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल के जेल वार्ड में शिफ्ट किया गया।



