हाईकोर्ट जबलपुर से दैनिक वेतन भोगी स्थाईकर्मी को राहत
विनोद शेंडें की बर्खास्तगी निरस्त, सेवा में तत्काल बहाली के आदेश — किशोर साहू
Chhindwara 15 December 2025
छिंदवाड़ा यशो:- माननीय मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर की एकलपीठ ने दैनिक वेतन भोगी से स्थाईकर्मी के रूप में कार्यरत कर्मचारी विनोद शेंडें को बड़ी राहत प्रदान की है। हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एम.एस. भट्टी की एकलपीठ ने विनोद शेंडें की नौकरी से बर्खास्तगी के आदेश को निरस्त करते हुए तत्काल सेवा में बहाल करने के निर्देश जारी किए हैं।
10 वर्षों से अधिक सेवा के बाद किया गया था बर्खास्त
मध्यप्रदेश दैनिक वेतन भोगी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष किशोर साहू ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि –
विनोद शेंडें शासकीय विज्ञान महाविद्यालय,
पांढुर्णा में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। उन्हें वर्ष 2013 में दैनिक वेतन भोगी के रूप में नियुक्त किया गया था तथा बाद में प्राचार्य द्वारा जारी आदेश से उन्हें “स्थाईकर्मी” के रूप में वर्गीकृत किया गया।
इसके बावजूद, बिना किसी ठोस कारण एवं बिना नियमानुसार प्रक्रिया अपनाए, उन्हें अचानक कार्य से बेदखल कर दिया गया, जो पूर्णतः अन्यायपूर्ण था।
हाईकोर्ट ने दिया स्थगन व बहाली का आदेश
इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश शासन,
प्राचार्य शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर एवं पांढुर्णा के विरुद्ध अधिवक्ता दीपक साहू (जबलपुर) के माध्यम से याचिका दायर की गई।
याचिका की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता द्वारा न्यायालय को अवगत कराया गया कि –
कर्मचारी को बिना कारण हटाया गया है, जो सेवा नियमों के विपरीत है।
मामले की सुनवाई उपरांत माननीय उच्च न्यायालय ने बर्खास्तगी आदेश पर रोक लगाते हुए विनोद शेंडें को तत्काल कार्य पर रखने के आदेश जारी किए।
अन्याय से पीड़ित कर्मचारियों को मिला न्याय
संघ अध्यक्ष किशोर साहू ने कहा कि-
यह निर्णय वर्षों से अन्याय झेल रहे गरीब और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के लिए न्याय की मिसाल है।
उन्होंने माननीय उच्च न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि-
इस निर्णय से कर्मचारियों में न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।
संघ की ओर से अधिवक्ता दीपक साहू के प्रति भी आभार व्यक्त किया गया,
जिनके सशक्त तर्कों के कारण पीड़ित कर्मचारी को न्याय मिल सका।


