कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन समिति की बैठक, विभागों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने की हिदायत
Chhindwara, 28 October 2026
छिंदवाड़ा यशो:- जिले में अवैध मादक पदार्थों के परिवहन, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने कार्रवाई तेज करने पर जोर दिया है। कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में नारकोटिक्स कोऑर्डिनेशन (NCORD) की जिला स्तरीय समिति की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नकली शराब के विरुद्ध निरंतर कार्रवाई करने और संबंधित गतिविधियों पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर कार्यालय के मिनी सभाकक्ष में आयोजित बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री अजय पाण्डेय उपस्थित रहे। इस दौरान जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई और आगामी कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई।
अवैध परिवहन, बिक्री और उपयोग पर प्रभावी रोकथाम पर जोर
बैठक में विगत माह के दौरान संबंधित विभागों द्वारा की गई कार्रवाई और प्रगति की जानकारी ली गई। अधिकारियों से अवैध मादक पदार्थों की आवाजाही, बिक्री तथा उपयोग पर अंकुश लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई।
कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें और नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कार्रवाई में निरंतरता बनाए रखने तथा निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया।
नकली शराब के खिलाफ सतत निगरानी के निर्देश
बैठक में आबकारी विभाग को नकली शराब के विरुद्ध लगातार कार्रवाई करने और इस संबंध में सतत निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए। अवैध शराब से जुड़े मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
नशे के अवैध कारोबार की रोकथाम के लिए प्रशासनिक, पुलिस और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल को आवश्यक बताया गया, ताकि जिले में ऐसी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एडीएम धीरेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त सी.पी. राय, जिला जेल अधीक्षक प्रतीक जैन सहित स्वास्थ्य, आबकारी, जनसंपर्क, स्कूल शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिला स्तरीय समिति की बैठक में नशीले पदार्थों की रोकथाम से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई और नियमित निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए।