भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली पर उठाए सवाल, बोले—व्यापारियों की आजीविका और आम जनता की सुविधाओं का भी रखें ध्यान
Chhindwara, 28 October 2026
छिंदवाड़ा यशो:- भाजपा जिला अध्यक्ष शेषराव यादव ने कांग्रेस की प्रस्तावित रैली को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि दीपावली जैसे बड़े पर्व के ऐन पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की क्या आवश्यकता है? उन्होंने कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन इसके साथ आम जनता की सुविधाओं, व्यापारियों की आजीविका और त्योहार के दौरान होने वाली आर्थिक गतिविधियों का ध्यान रखना भी जरूरी है।
शेषराव यादव ने कहा कि दीपावली देश के करोड़ों लोगों की आस्था से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। यह अवसर व्यापारियों, छोटे दुकानदारों, कारीगरों और श्रमिकों के लिए आर्थिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण होता है। बाजारों में खरीदारी बढ़ती है और व्यापारी महीनों पहले से तैयारियां करते हुए अपनी पूंजी लगाते हैं। ऐसे समय में राजधानी दिल्ली में बड़े राजनीतिक आयोजन से यदि यातायात प्रभावित होता है या बाजारों तक ग्राहकों की पहुंच बाधित होती है, तो इसका असर व्यापार और आम नागरिकों की सुविधाओं पर पड़ सकता है।
त्योहार के समय राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन पर सवाल
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस को राजनीतिक विरोध दर्ज कराने का अधिकार है, लेकिन किसी भी कार्यक्रम की तारीख और उसके संभावित प्रभावों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। दीपावली से पहले का समय कारोबार के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी राजनीतिक आयोजन के कारण व्यापारियों और आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि जब चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के संबंध में अपनी आपत्तियां रखने के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक माध्यम उपलब्ध हैं, तो दीपावली के ठीक पहले रैली आयोजित करने के फैसले के पीछे क्या औचित्य है?
जनहित और व्यापारिक गतिविधियों को प्राथमिकता देने की अपील
शेषराव यादव ने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यक्रम तय करते समय जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। त्योहारों के दौरान बाजारों में बढ़ती भीड़, यातायात व्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों को ध्यान में रखकर ही बड़े आयोजनों की योजना बनाई जानी चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि राजनीतिक विरोध और जनहित के बीच संतुलन बनाए रखा जाए, ताकि दीपावली की तैयारियों में जुटे व्यापारियों, दुकानदारों, श्रमिकों और आम नागरिकों को किसी तरह की असुविधा न हो।
भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस के प्रस्तावित आयोजन के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक कार्यक्रमों की सफलता केवल भीड़ जुटाने से नहीं, बल्कि जनहित के प्रति संवेदनशीलता से भी आंकी जानी चाहिए।