मरा की नहीं! फावड़े से वार के बाद भी देखती रही पत्नी
शराब के नशे में पत्नी और बेटी पर करता था शंका, घरेलू हिंसा का भयावह अंत
Balaghat 24 June 2025
बालाघाट यशो:- शराबी पति की प्रताडऩा से तंग आकर एक महिला ने अपने ही पति की निर्मम हत्या कर दी। घटना बालाघाट जिले के हट्टा थाना अंतर्गत ग्राम रतनारा की है, जहां 31 वर्षीय रेखा दमाहे ने अपने पति जयकिशोर दमाहे को नींद में फावड़े से वार कर मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद वह कुछ देर तक पति की धड़कनें सुनती रही, और जब उसकी सांसें थम गईं, तो वहां से निकल गई।
पति करता था पत्नी-बेटी पर शक, मारपीट थी रोजमर्रा की बात
पुलिस पूछताछ में रेखा ने बताया कि उसका पति जयकिशोर दमाहे रोज शराब पीकर उसके साथ मारपीट करता था। वह न सिर्फ पत्नी, बल्कि अपनी बड़ी बेटी के चरित्र पर भी संदेह जताता था। घरेलू कलह से परेशान रेखा ने आखिरकार 18 जून की रात घातक कदम उठाने का फैसला किया।
बच्चों को लेकर जेठ के घर गई, फिर लौटी अकेली
घटना वाली रात जब पति ने गाली-गलौज कर बच्चों समेत रेखा को घर से निकाल दिया, तो वह पास ही अपने जेठ के घर चली गई। लेकिन आधी रात करीब 1:30 बजे वह चुपचाप वापस लौटी। जयकिशोर उस वक्त गहरी नींद में था। इसी दौरान रेखा ने घर में रखे फावड़े से उसके गले पर जोरदार वार कर दिया।
मौत की पुष्टि के बाद हुई फरार
वार के बाद रेखा कुछ समय तक वहीं बैठी रही और पति की धड़कनों को महसूस करती रही। जब वह पूरी तरह निष्प्राण हो गया, तब वह फावड़ा कुएं में फेंक कर अपनी बहन के घर चली गई। पुलिस ने बाद में घटनास्थल से खून से सना फावड़ा भी बरामद कर लिया है।
घर का दरवाजा था बंद, गांववालों ने दी सूचना
19 जून की सुबह मृतक के भाई नंदकिशोर दमाहे ने पुलिस को सूचना दी कि उसका भाई जयकिशोर रात से कमरे में बंद है और कोई जवाब नहीं दे रहा। गांववालों की मदद से जब घर के पीछे का दरवाजा तोड़ा गया, तो जयकिशोर की खून से लथपथ लाश बिस्तर पर पड़ी मिली। सूचना पर एफएसएल टीम, डॉग स्क्वॉड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट भी पहुंचे और साक्ष्य जुटाए।
पुलिस को पत्नी पर था शक, पूछताछ में कबूला जुर्म
मामले की गंभीरता को देखते हुए हट्टा थाना प्रभारी अविनाश राठौर के निर्देशन में जांच तेज की गई। मृतक के परिजनों ने पत्नी रेखा पर संदेह जताया था। पूछताछ में रेखा ने जुर्म स्वीकार कर लिया और पूरी घटना क्रम पुलिस के सामने बताया।
चार बच्चों की मां है आरोपी महिला
रेखा दमाहे मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करती थी। उसके तीन बेटियाँ और एक बेटा है। पति के नशे और हिंसा से तंग आकर उसने यह कदम उठाया।
पुलिस कार्रवाई:
आरोपी रेखा दमाहे को विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया है।
हत्या में प्रयुक्त हथियार (फावड़ा) कुएं से बरामद कर लिया गया है।
आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
क्या कहती है पुलिस?
“आरोपी महिला ने हत्या स्वीकार कर ली है। उसने कहा कि शराबी पति रोज मारपीट करता था और बेटी तक पर शक करता था। यह घटना घरेलू हिंसा का नतीजा है। महिला को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जाएगा।”
— उप निरीक्षक अविनाश राठौर, थाना प्रभारी, हट्टा
समाज के लिए सवाल:
क्या घरेलू हिंसा से तंग आकर हत्या का रास्ता सही है?
कब तक महिलाएं चुपचाप अत्याचार सहती रहेंगी?
और क्या कानून ऐसे मामलों में पीडि़ता की मानसिक पीड़ा को भी बराबरी से सुनेगा?


