गोंदिया–जबलपुर रेलमार्ग दोहरीकरण को मिली स्वीकृति, पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने जताया प्रधानमंत्री व रेल मंत्री का आभार
रेल दोहरीकरण से सिवनी-बालाघाट को मिलेगा बड़ा लाभ, उत्तर-दक्षिण की दूरी होगी 275 किमी तक कम
गोंदिया जबलपुर रेलमार्ग दोहरीकरण
Seoni 25 February 2026
सिवनी यशो:-केंद्र सरकार द्वारा गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण को स्वीकृति दिए जाने पर पूर्व सांसद डॉ. ढालसिंह बिसेन ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति आभार व्यक्त किया है।
डॉ. बिसेन ने कहा कि यह परियोजना सिवनी एवं बालाघाट अंचल के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है।
उन्होंने बताया कि अपने सांसद कार्यकाल के दौरान उन्होंने गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण के लिए निरंतर प्रयास किए थे।
इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से व्यक्तिगत भेंट कर पत्र सौंपा था तथा लोकसभा सत्र के दौरान भी इस विषय को सदन में प्रमुखता से उठाया था।
सांसद कार्यकाल के बाद भी जारी रहे प्रयास
डॉ. ढालसिंह बिसेन ने बताया कि सांसद कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी उन्होंने रेल मंत्री से पत्राचार एवं व्यक्तिगत मुलाकातों के माध्यम से नागपुर–सिवनी–नैनपुर एवं जबलपुर–गोंदिया रेल मार्ग के दोहरीकरण की आवश्यकता पर लगातार जोर दिया।
विगत दो माह पूर्व लोकसभा के मानसून सत्र के दौरान दिल्ली प्रवास के समय उन्होंने रेल मंत्री से भेंट कर स्मरण पत्र सौंपते हुए इस परियोजना को रेल बजट में शामिल करने का आग्रह किया था।
दोहरीकरण से होंगे बड़े लाभ
पूर्व सांसद डॉ. बिसेन ने कहा कि गोंदिया–जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण से उत्तर से दक्षिण की दूरी लगभग 275 किलोमीटर तक कम हो जाएगी।
इससे सिवनी और बालाघाट जिले को न केवल बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिलेगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और यात्री सुविधाओं में भी उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नागपुर–सिवनी–नैनपुर रेलमार्ग के दोहरीकरण के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे।



