संबल योजना में फर्जीवाड़ा, दो पर एफ आई आर दर्ज, सीएमओ एवं प्रभारी की भूमिका पर संदेह
स्वाभाविक मृत्यु को दुर्घटना बताकर निकाले चार- चार लाख रुपये
Chhindwara 14 April 2025
छिंदवाड़ा यशो:- (चौरई) मध्यप्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी संबल योजना में चौरई नगर पालिका परिषद में फर्जीवाड़ा होने का मामला प्रकाश में आया है । यहाँ स्वाभाविक मृत्यु को परिषद के कर्मचारी ने उच्चाधिकारियों की मिली भगतकर दुर्घटना में मौत होना दर्शाकर संबल योजना के चार लाख रूपये स्वीकृत कराकर मृतक की पीडि़ता पत्नि से कोरे चैक में हस्ताक्षर लेकर राशि हड़प ली पीडिता की शिकायत के पश्चात सनसनी खेज मामला सामने आया ।
यहाँ बता दें कि सरकार की संबल योजना के तहत सामान्य मृत्यु पर दो लाख और दुर्घटना जनित मृत्यु पर चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का प्रावधान है। लेकिन इस योजना का लाभ लेने के लिए मृतक की पीएम रिपोर्ट, एफआईआर व अन्य दस्तावेज जरूरी होते हैं। मामले में पीडि़ता माला वर्मा ने आरोप लगाया है कि उसके पति रामकिशन की 24 मई 2023 को स्वाभाविक रूप से मृत्यु हुई थी। पड़ोसी प्रयास शर्मा ने संबल योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर खाता खुलवाया, चेकबुक और दस्तावेज अपने पास रख लिए। इसके बाद फर्जी तरीके से दुर्घटना में मौत दिखाकर योजना के तहत चार लाख की राशि खाते में डलवाई, लेकिन माला वर्मा को केवल 50 हजार रुपये ही दिए। पुलिस ने इस मामले में आरोपी प्रयास शर्मा और अंशुल चौरसिया के खिलाफ धोखाधड़ी और सरकारी योजनाओं में गड़बड़ी करने का प्रकरण दर्ज किया है।
एसडीएम के आदेश पर हुई जाँच में हुआ खुलासा
एसडीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार रूही खान द्वारा की गई जांच में पुष्टि हुई कि रामकिशन की मौत स्वाभाविक थी, लेकिन कागजों में उसे दुर्घटना बताया गया। इस मामले में अब तक केवल कंप्यूटर ऑपरेटर को दोषी ठहराया गया है, जबकि योजना शाखा प्रभारी और मुख्य नगर पालिका अधिकारी की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
पहले भी इस प्रकार का हो चुका है मामला
इससे पहले चौरई में ही एक अन्य प्रकरण में ममता ठाकुर की कैंसर से मौत के बावजूद उसे दुर्घटना बताकर चार लाख रुपये की राशि निकाल ली गई थी। इस पूरे मामले में अंशुल चौरसिया का नाम सामने आया था। वहां भी पीएम रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज फर्जी पाए गए थे। प्रार्थी चौरई निवासी उमेश ठाकुर पिता स्व. श्याम ठाकुर ने बताया कि छह माह पूर्व उसकी मां ममता ठाकुर का देहांत हो गया था। प्रार्थी ने नगरपालिका चौरई में संपर्क किया और संबल में पंजीयन होने की जानकारी मांगी।
इस पर संबंधित शाखा के अंशुल चौरसिया ने बताया कि मृतक का संबल योजना का पंजीयन नहीं है। एक सप्ताह बाद अंशुल ने प्रार्थी से संपर्क कर कहा कि भोपाल स्तर पर सेटिंग हुई है। साहब से मैं बात कर लूंगा, तुम्हे संबल योजना के तहत राशि मिल जाएगी, लेकिन कमीशन लगेगा। उसकी गारंटी के लिए हस्ताक्षर करके रिक्त चैक देना पड़ेगा। चैक लेकर अंशुल ने प्रक्रिया शुरू की। कुछ दिनों बाद आवेदक के खाते में चार लाख रुपए आए। इसमें से तीन लाख रुपए अंशुल ने चैक में भरकर निकाल लिए। कम राशि मिलने पर उमेश ने इसकी शिकायत की।


