धान खरीदी फर्जीवाड़े पर एफआईआर का सिलसिला प्रारंभ, सरकार के साथ विरोधी दल भी मुखर
सिवनी में राईस मिलर्स के यहाँ ईओडब्ल्यू का छापा, दस्तावेजो की छानबीन
Seoni 20 March 2025
सिवनी/ बालाघाट यशो:- धान खरीदी में हुये फर्जीवाड़े की भूमिका में सिवनी जिले के मिलर्स की भूमिका होने की बड़ी संभावनाओं और प्राप्त शिकायतो के आधार पर ईओडब्ल्यु ने छापामार कार्यवाही की है । गत 19 मार्च को आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्युरो की 06 सदस्यीय टीम ने सिवनी की औद्योगिक क्षेत्र भुरकलखापा स्थित शकुंतला देवी राईस मिल में छापामार कार्यवाही की है । इस राईस मिल के संचालक आशीष आशु अग्रवाल मध्यप्रदेश राईस मिलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष है । ईओडब्ल्यु ने यहां मिल से संबंधित दस्तावेज, स्टाक चावल की क्वालटी सहित अनेक बिंदुओं गहनता से जाँच की है और पहुँची टीम बहुत सारे दस्तावेज अपने साथ लेकर गयी है । यहाँ बता दें कि आशु अग्रवाल कुछ वर्ष पूर्व बारदाना घोटाले में भी चर्चा में रहे है और धान मिलिंग परिवहन में गड़बडियों के समाचार सुर्खियों में रहे है । इनके प्रतिष्ठान में हुई छापामार कार्यवाही के संबंध में नगर के व्यापारियों में तरह तरह की चर्चाएँ है । छापामार कार्यवाही के दौरान तहसीलदार सहित अन्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे ।
मध्यप्रदेश सरकार धान घोटाले पर बहुत सख्त है और पूरे प्रदेश में कार्यवाही की जा रही है । वहीं सरकार विरोधी दल के लिये हथियार बन रहा है । कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने धान घोटाले पर प्रदेश सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग पर गंभीर आरोप लगाते हुये सीबीआई जाँच की मांग की है । वहीं भाजपा का कहना है कि आवश्यकता पड़ेगी तो वह भी की जायेगी ।
यहाँ बता दें कि इस मामले में खरीदी से संबंधित अनेक अधिकारियों, समिति प्रबंधको, ट्रांस्पोर्टर मिलर्स की संलिप्तता सामने आई है । जानकारी के अनुसार इस मामले में 22 आरोपियों की एफआईआर दर्ज हो चुकी है और कुछ की गिरफ्तारी भी की जा चुकी है ।
सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार उपार्जन समितियां फर्जी किसानों का रजिस्ट्रेशन करती हैं और बिना धान खरीदे ई-उपार्जन पोर्टल पर फर्जी प्रविष्टियां दर्ज कर लेती हैं. इसके बाद ट्रांसपोर्ट और वेयरहाउस के फर्जी रिकॉर्ड तैयार किए जाते हैं, और समिति द्वारा दर्ज मात्रा के आधार पर भुगतान कर दिया जाता है । इस फर्जीवाड़े से सरकार को हर साल करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। ईओडबल्यू खरीदी प्रक्रिया से जुड़े समिति के पदाधिकारियों के साथ-साथ कुछ ट्रांसपोर्टर, वेयरहाउस और राइस मिलर्स की भूमिका को संदिग्ध मान कर कार्यवाही को अंजाम दे रहा है ।
बालाघाट जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी में अनियमितताओं के चलते 125 खरीदी केंद्र जांच के दायरे में हैं। यहाँ धान खरीदी में बड़ी गड़बड़ी समाने आयी है और गड़बड़ी करने वालो से वसूली के साथ एफआईआर की कार्यवाही किये जाने की तैयारी चल रही है । बालाघाट में अनेक मिलर्स के यहाँ भी छापे पड़े है ।
ईओडबल्यू ने भोपाल, जबलपुर, सागर, रीवा और ग्वालियर के पुलिस अधीक्षक कार्यालयों की 25 टीमों के साथ 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयरहाउसों पर छापे मारे. बालाघाट, जबलपुर, डिंडोरी, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर और श्योपुर में की गई इस कार्रवाई में धान की जगह भूसी तक मिली. सतना जिले के एक वेयरहाउस में 535 क्विंटल धान के बदले भूसी पाई गई, जिससे घोटाले के और बड़े होने का अंदेशा जताया जा रहा है ।



