बैनगंगा तट लखनवाड़ा में गोपाष्टमी पर भव्य सत्यनारायण व्रत कथा संपन्न
कृष्ण मंदिर महिला मंडल समिति, सिवनी द्वारा आयोजित धार्मिक आयोजन में भक्ति, संस्कृति और गौसेवा का संगम
Seoni 29 October 2025
सिवनी यशो:- भगवान सत्यनारायण जी एवं मां गंगा जी की असीम कृपा से,
कार्तिक मास की पावन गोपाष्टमी तिथि (29 अक्टूबर, बुधवार) को
बैनगंगा तट, लखनवाड़ा में सत्यनारायण व्रत कथा का
भव्य एवं दिव्य आयोजन श्रद्धा और आस्था के साथ संपन्न हुआ।
इस पावन आयोजन की व्यवस्था कृष्ण मंदिर महिला मंडल समिति, सिवनी द्वारा की गई।

🌺 धार्मिक कार्यक्रम की विशेष झलकियाँ :
- सत्यनारायण भगवान का पूजन एवं कथा वाचन : लक्ष्मीनारायण मंदिर के प्रधान पूजारी
पं. हेमंत त्रिवेदी एवं सहयोगी ब्राह्मणों द्वारा विधिवत संपन्न हुआ। - पंच गकार पूजन : गोपाष्टमी के पावन अवसर पर भक्तों ने
गीता, गंगा, गौ, गोपाल और गणेश — - इन पंच गकारों का विधिपूर्वक पूजन कर
धर्म, ज्ञान, सेवा, भक्ति और सद्भाव की भावना को साकार किया। - गाय पूजन एवं गौसेवा : भक्तों ने गोमाता का पूजन कर गौशालाओं में
गाय का चारा और दान अर्पित किया, जिससे गौसंरक्षण का सशक्त संदेश प्रसारित हुआ। - मां बैनगंगा जी की आरती, तुलसी पूजन एवं गीता पाठ : मातृशक्ति ने वेदपाठी ब्राह्मणों के साथ
नर्मदा तट पर आध्यात्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। - महाप्रसाद वितरण : कथा के उपरांत श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से महाप्रसाद ग्रहण किया।

🌼 गोपाष्टमी का महत्व और संदेश :
इस अवसर पर पूज्य ब्राह्मणों ने गोपाष्टमी के आध्यात्मिक एवं सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि
यह दिन गाय, गंगा, गोपाल, गणेश और गीता की उपासना का है।
इन पंचगाकारों की आराधना से मन, बुद्धि और आत्मा शुद्ध होती है।
गोपाष्टमी का वास्तविक सार गौसेवा, सत्कर्म और करुणा में निहित है।
भक्तों को प्रेरित किया गया कि वे अपने जीवन में नित्य गौसंरक्षण, दान और धर्म को स्थान दें।
“गोपाष्टमी का पर्व हमें गाय, गंगा और गीता की पावन धारा से जोड़ता है — यही सनातन धर्म का अमृत संदेश है।”

🌸 भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम :
बैनगंगा तट की मनोहारी वादियों में घंटा, शंख और वेदघोष की अनुगूंज से सम्पूर्ण वातावरण
आध्यात्मिक ऊर्जा से स्पंदित रहा।
माता बहनों की भक्ति, बच्चों की नटखट गोपाल वेशभूषा और सज्जित मण्डपों ने इस आयोजन को एक अविस्मरणीय आध्यात्मिक उत्सव बना दिया।
कृष्ण मंदिर महिला मंडल समिति,
सिवनी की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम
धर्म, संस्कृति और सेवा का अनुपम उदाहरण बन गया।
📸 भव्य आयोजन की झलकियाँ :
- बैनगंगा तट पर दीपों की जगमग रोशनी और जयघोष
- गोपाष्टमी पर गौ, गंगा और गीता की सामूहिक आरती
- सुसज्जित मण्डप, पुष्प सज्जा और भक्तिमय वातावरण
- कथा के अंत में महाप्रसाद वितरण और भक्ति संगीतमय प्रस्तुति

मां बैनगंगा तट लखनवाड़ा से — गोपाष्टमी कथा, गौपूजन और महाआरती का दृश्य



