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अल्लाह को राज़ी करने का महीना रमज़ानुल मुबारक – सूफी मंज़ूर रज़ा क़ादरी ने दी अहम बातें

रमज़ान: रहमत, बरकत और जहन्नुम से आज़ादी का महीना; रोज़े, नमाज़ और ज़कात से इंसानियत और सब्र की ट्रेनिंग

Seoni 19 February 2026

सिवनी यशो:- रमज़ानुल मुबारक का पवित्र महीना प्रारंभ हो चुका है और पहला रोज़ा अदा किया गया। सामाजिक कार्यकर्ता सूफी मंज़ूर रज़ा क़ादरी ने बताया कि रमज़ान अल्लाह की रहमत, बरकत और मग़फ़िरत (जहन्नुम से आज़ादी) का महीना है, जिसमें इबादत, सब्र और इंसानियत को मज़बूती मिलती है।

रमज़ान शरीफ़ को तीन अशरों में बांटा गया है—पहला अशरा (1-10 रोज़े) रहमत, दूसरा अशरा (11-20 रोज़े) बरकत और तीसरा अशरा (21-30 रोज़े) जहन्नुम से निजात का होता है। अंतिम अशरे में शबे-क़द्र की पांच मुबारक रातें शामिल होती हैं।

जिला सिवनी सहित मस्जिद नूर अंबिया में तरावीह की नमाज़ शुरू हो गई है। हाफ़िज़ क़ारी इरफान रज़ा साहब मधुर और प्रभावशाली क़िराअत में क़ुरआन मजीद सुना रहे हैं। रोज़ेदार पांचों वक्त की नमाज़, तरावीह और क़ुरआन की तिलावत में शामिल हो रहे हैं।

रमज़ान आत्म-संयम और इंसानियत की ट्रेनिंग

रोज़े का मक़सद इंसान को मुत्तक़ी (परहेज़गार) बनाना, सब्र की आदत देना और सही तरीके से ज़िंदगी जीने की शिक्षा देना है। रमज़ान के असर से शेष 11 महीने भी बेहतर तरीके से गुज़रते हैं। रोज़ेदार सहर और इफ्तार के समय पाबंदी से इबादत करते हैं और हलाल रोज़ी से रोज़ा खोलते हैं।

ज़कात और समाजसेवा पर ज़ोर

साहिब-ए-हैसियत लोग ज़कात, सदक़ा और फ़ित्रा निकालकर ग़रीबों, यतीमों, मिस्कीनों और ज़रूरतमंदों की मदद करते हैं। इस्लाम में नमाज़ के बाद ज़कात तीसरा अहम फ़र्ज़ है, जो समाज में बराबरी और इंसानियत को मज़बूती देता है।

आज के दौर में इंसानियत की ज़रूरत

रोज़े की हालत में इंसान आंख, कान, ज़ुबान और दिल की हिफ़ाज़त करता है और गुनाहों से बचने का अभ्यास करता है। सच्चे दिल से अल्लाह की बारगाह में इबादत करने पर दुआएं कुबूल होती हैं और दिल अल्लाह की याद में रम जाता है।

तौहीद और रिसालत का संदेश

इस्लाम का मूल संदेश तौहीद और रिसालत है—एक अल्लाह की इबादत करना और हज़रत मोहम्मद ﷺ के बताए मार्ग पर चलकर अपनी दुनिया और आख़िरत को संवारना।

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सूफी मंज़ूर रज़ा क़ादरी, लब्बैक यूथ फोर्स (आतंकवाद विरोधी संगठन) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं।

https://www.prabhatkhabar.com/religion/ramadan-2026-moon-sighted-ramzan-start-first-roza-mubarak-from-today/amp

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