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ब्लैकमेलरों पर ऐतिहासिक प्रहार:“प्रदेश के कलेक्टरों से मांगी ब्लैकमेलरों की जानकारी”

मध्य प्रदेश सरकार का कड़ा कदम, पारदर्शी प्रशासन के लिए ऐतिहासिक पहल

Bhopal September 27, 2025

भोपाल:- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार ने अधिकारियों-कर्मचारियों को ब्लैकमेल करने वालों पर नकेल कसने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। लोक सेवा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों के कलेक्टरों से उन लोगों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जो सीएम हेल्पलाइन (181) सहित अन्य माध्यमों से झूठी शिकायतें दर्ज कराकर दबाव और ब्लैकमेलिंग का धंधा चला रहे हैं।

ब्लैकमेलरों पर सीधा निशाना

इस रिपोर्ट में सरकार ने साफ कर दिया है कि –

  • अब आदतन और फर्जी शिकायतें दर्ज करने वाले लोग सरकार के रडार पर होंगे।

  • शिकायतों की गंभीरता और प्रकृति का विश्लेषण कर एफआईआर दर्ज करने तक की कार्रवाई सुनिश्चित होगी।

  • यह कदम ईमानदार अधिकारियों-कर्मचारियों को मानसिक प्रताड़ना और अनावश्यक दबाव से बचाने के लिए उठाया गया है।

रिपोर्ट फॉर्मेट और संकलन प्रक्रिया

सरकार ने कलेक्टरों को स्पष्ट फॉर्मेट में जानकारी भेजने के निर्देश दिए हैं, जिसमें यह विवरण अनिवार्य होगा:

जानकारी का बिंदु विवरण
शिकायतकर्ता का नाम पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा
मोबाइल नंबर अनिवार्य
अब तक की कुल शिकायतों की संख्या दर्ज की जाएगी
अधिकारियों की टिप्पणी शिकायत की प्रकृति पर

सरकार का उद्देश्य

यह कदम केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि लोक सेवा प्रबंधन को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने का ऐतिहासिक संकल्प है।

  • अब जन-सेतु हेल्पलाइन (181) का उपयोग केवल वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए होगा।

  • ब्लैकमेलिंग और झूठे आरोपों की प्रवृत्ति पर निर्णायक प्रहार होगा।

  • आम जनता का भरोसा और भी मज़बूत होगा कि सरकार जनहित की शिकायतों का निपटारा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कर रही है।

 यह कदम न केवल ब्लैकमेलरों के खिलाफ सख्त संदेश है, बल्कि प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी बनाने की ऐतिहासिक पहल भी है।

https://cmhelpline.mp.gov.in/About.aspx

Dainikyashonnati

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