मंडला जिले का नाम बदलने के विरोध में गोंगपा का विशाल जनआक्रोश
महिष्मति नामकरण के ऐलान पर भड़के आदिवासी संगठन, मंत्रियों का पुतला दहन
विशेष संवाददाता
Mandla 07 January 2026
मंडला यशो:- मंडला जिले का नाम बदलकर ‘महिष्मति’ किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने शुक्रवार को निषादराज भवन के सामने विशाल जनआक्रोश प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने किया। इस दौरान जिला प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल एवं कैबिनेट मंत्री संपतिया उइके का पुतला फूंका गया और जमकर नारेबाजी की गई।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मंडला जिले के नाम परिवर्तन का ऐलान बिना जनमत, बिना स्थानीय समाज से संवाद और आदिवासी इतिहास की अनदेखी कर किया गया है,
जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

इतिहास और आदिवासी अस्मिता से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं : गोंगपा
गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के नेताओं ने कहा कि –
मंडला का नाम केवल एक पहचान नहीं, बल्कि गोंडवाना इतिहास, संस्कृति और आदिवासी स्वाभिमान का प्रतीक है।
नाम परिवर्तन का प्रयास सीधे-सीधे आदिवासी समाज की भावनाओं को आहत करता है।
“इतिहास मिटाने की साजिश हो रही है” – तुलेश्वर मरकाम
गोंगपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरा सिंह मरकाम ने कहा—
“सोशल मीडिया के माध्यम से माहिष्मति नामकरण को लेकर जो वीडियो वायरल हुआ, वह बेहद चिंताजनक है।
यह हमारे इतिहास से छेड़छाड़ है।
रामनगर, दुर्गावती पार्क, रेवांचल पार्क जैसे नाम बदलकर पहले ही इतिहास को तोड़-मरोड़ किया गया।
अब मंडला के नाम के साथ भी वही साजिश की जा रही है।
यदि इतिहास को मिटाने का प्रयास हुआ, तो गोंडवाना गणतंत्र पार्टी बड़ा आंदोलन छेड़ेगी।”
“10 जिलों और 3 प्रांतों के लोग विरोध में शामिल” – कमलेश टेकाम
गोंगपा के प्रदेशाध्यक्ष इंजीनियर कमलेश टेकाम ने कहा—
“करीब दो माह पहले नर्मदा किनारे आयोजित एक कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री की मौजूदगी में माहिष्मति नामकरण की बात सार्वजनिक मंच से कही गई।
उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ।
आज इसी के विरोध में कम से कम 10 जिलों और तीन प्रांतों से लोग मंडला पहुंचे हैं।
हम स्पष्ट कहना चाहते हैं कि मंडला जिले का नाम किसी भी हालत में बदले जाने नहीं देंगे।”

चेतावनी: फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन होगा तेज
गोंगपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मंडला जिले के नाम परिवर्तन का प्रस्ताव वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन को जिला,
संभाग और
प्रदेश स्तर पर और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।



