Seoni 26 September 2025
सिवनी यशो:- जिले में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा। कई ग्राम पंचायतों से लगातार शिकायतें उठ रही हैं कि अवैध अंग्रेजी, देशी और महुआ कच्ची शराब का धंधा खुलेआम चल रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस-प्रशासन की नाक के नीचे यह व्यापार फल-फूल रहा है और सबसे चिंताजनक बात यह है कि शराब अब किशोर और छोटे बच्चों तक को आसानी से उपलब्ध कराई जा रही है।
ग्राम पंचायत जामुनपानी, थाना चनौरा क्षेत्र के ग्रामीणों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए तहसीलदार धनौरा को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि शराब के कारण गांवों में अशांति फैल रही है, महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा खतरे में है और घर-परिवार टूट रहे हैं।
महिलाओं ने जताई असुरक्षा, बच्चे भी शिकार
ग्रामीण महिलाओं ने कहा कि नशे में धुत्त लोग गांव की गलियों में गाली-गलौज करते हैं, अभद्र व्यवहार करते हैं और माहौल भयावह बना देते हैं। वहीं, छोटे बच्चों और युवाओं के हाथ में शराब पहुंचना समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत है। यह आने वाली पीढ़ी को अपराध और अंधकार की ओर धकेल रहा है।
ग्रामीणों का प्रस्ताव और चेतावनी
जामुनपानी में हुई सर्वसम्मति बैठक में ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि—
अवैध शराब बेचने वाले पर ₹51,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
शराब पीकर गांव में उपद्रव करने वाले पर ₹21,000 का जुर्माना लगाया जाएगा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि 25 सितंबर 2025 तक प्रशासन ने कार्रवाई नहीं की तो वे वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायालय का सहारा लेंगे।
जिलेभर में उठ रही आवाज़
जामुनपानी ही नहीं,
बल्कि जिले के कई अन्य ग्रामों से भी ग्रामीण लामबंद होकर अवैध शराब के खिलाफ विरोध जता रहे हैं।
इसके बावजूद शराब का अवैध कारोबार जारी रहना प्रशासन और
कानून-व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि-
यदि शीघ्र ही ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या और विकराल रूप ले सकती है।
यह न केवल सामाजिक ताने-बाने को तोड़ेगी,
बल्कि जिले के बच्चों और युवाओं का भविष्य भी बर्बाद कर देगी।
निष्कर्ष
ग्रामवासियों का यह आंदोलन अब जिले में एक सामाजिक चेतावनी बन चुका है।
प्रशासन को चाहिए कि वह केवल ज्ञापन तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर सख्त कार्रवाई करे,
अन्यथा ग्रामीणों का आक्रोश एक व्यापक आंदोलन का रूप ले सकता है।



