मध्यप्रदेशसिवनी

बौद्धिक दिव्यांगजनों को मिला कानूनी संरक्षण, कलेक्टर ने वितरित किए विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र

18 वर्ष से अधिक आयु के बौद्धिक दिव्यांगजनों के अधिकारों और संपत्ति की सुरक्षा के लिए लीगल गार्जियनशिप पर दिया जोर, अभिभावकों से आवेदन करने की अपील

सिवनी में बौद्धिक दिव्यांगजनों को मिला कानूनी संरक्षण, कलेक्टर ने वितरित किए विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र

Seoni, 28 July 2026
सिवनी यशो:- बौद्धिक एवं बहुदिव्यांगजनों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके भविष्य को कानूनी संरक्षण प्रदान करने की दिशा में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल की है। मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कलेक्टर कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में पात्र बौद्धिक दिव्यांगजनों के अभिभावकों को विधिक संरक्षकता (लीगल गार्जियनशिप) प्रमाण पत्र प्रदान किए।

इस दौरान अभिभावकों को राष्ट्रीय न्यास अधिनियम-1999 के प्रावधानों और विधिक संरक्षकता के महत्व की विस्तृत जानकारी भी दी गई।

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक आयु के बौद्धिक दिव्यांगजनों के हितों, सामाजिक सुरक्षा, संपत्ति के संरक्षण एवं भविष्य की कानूनी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र बनवाना अत्यंत आवश्यक है।

कलेक्टर नेहा मीना बौद्धिक दिव्यांगजनों के अभिभावकों को विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र वितरित करते हुए।
कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने बौद्धिक दिव्यांगजनों के अभिभावकों को विधिक संरक्षकता प्रमाण पत्र प्रदान किए।

उन्होंने जिले के सभी पात्र अभिभावकों से अपील की कि वे समय रहते यह प्रक्रिया पूरी कर अपने बच्चों और परिजनों को शासन की विभिन्न योजनाओं एवं कानूनी अधिकारों का लाभ दिलाएं।

क्या है विधिक संरक्षकता?

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत राष्ट्रीय न्यास अधिनियम-1999 के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके ऐसे बौद्धिक दिव्यांग, प्रमस्तिष्क घात (सेरेब्रल पाल्सी), स्वपरायणता (ऑटिज्म) एवं बहुदिव्यांगता से ग्रसित व्यक्ति, जो स्वयं अपने जीवन, स्वास्थ्य या संपत्ति से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी निर्णय लेने में सक्षम नहीं होते, उनके हितों की रक्षा के लिए विधिक संरक्षक नियुक्त किया जाता है।

विधिक संरक्षक संबंधित दिव्यांगजन के हितों का प्रतिनिधित्व करता है तथा आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उनकी ओर से निर्णय लेने में सहायता करता है।

इन अभिभावकों को मिले प्रमाण पत्र

जिले में कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित लोकल लेवल कमेटी द्वारा प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद पात्र पाए जाने पर दिव्यांगजन मुकेश साहू के लिए राजेश साहू, जगदीश साहू के लिए मेरसिंह श्रीवास तथा सरोज तिवारी के लिए नेहा तिवारी को विधिक संरक्षक घोषित करते हुए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

लोकल लेवल कमेटी में शामिल हैं ये सदस्य

जिला स्तरीय लोकल लेवल कमेटी में कलेक्टर अध्यक्ष, उपसंचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सदस्य सचिव, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, वरिष्ठ अधिवक्ता, दिव्यांग प्रतिनिधि तथा आशादीप दिव्यांग विकास कल्याण संगठन, सिवनी के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में शामिल हैं।

यहां कर सकते हैं आवेदन

कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने ऐसे सभी अभिभावकों से आवेदन करने का आग्रह किया, जिनके बच्चे अथवा परिजन 18 वर्ष से अधिक आयु के हैं और बौद्धिक दिव्यांगता, ऑटिज्म, सेरेब्रल पाल्सी अथवा बहुदिव्यांगता से प्रभावित हैं।

इच्छुक अभिभावक जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्र (DDRC), सिवनी में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। योजना एवं आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए 8964007653, 9424645417 एवं 7772089100 पर संपर्क किया जा सकता है।

यह भी पढ़े :-

भारत मुक्ति मोर्चा व राष्ट्रीय मुस्लिम मोर्चा का प्रदर्शन, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

मिलावटखोरों पर प्रशासन की पैनी नजर, दूध, घी, खोया, दही और पनीर के नमूने जांच के लिए भेजे

“एक नगर पालिका… दो सीएमओ, दो अध्यक्ष! भुगतानों पर ताला, व्यवस्था बेहाल”

कोचिंग की आड़ में चल रहा था जुआफड़, पुलिस ने 14 जुआरियों का निकाला जुलूस; 1.33 लाख नकद जब्त 

https://x.com/IndoreCollector/status/2003523350744973682?s=20

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button