आरटीओ की लापरवाही से करोड़ों के राजस्व का नुकसान, पवार ऑटोडील पर रोड टैक्स चोरी का संदेह
बाहरी राज्यों में पंजीकृत सैकड़ों वाहन बिना रजिस्ट्रेशन छिंदवाड़ा की सड़कों पर दौड़ रहे, आरटीओ की भूमिका कटघरे में
Chhindwara 08 January 2026
छिंदवाड़ा यशो:- जिले में परिवहन विभाग की घोर लापरवाही और कथित मिलीभगत के चलते राज्य शासन को करोड़ों रुपये के राजस्व नुकसान का गंभीर मामला सामने आया है।
सूत्रों के अनुसार नागपुर रोड स्थित पवार ऑटोडील द्वारा दिल्ली,
हरियाणा, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे
अन्य राज्यों में पंजीकृत सैकड़ों नए व सेकंड हैंड वाहन बिना मध्यप्रदेश में पंजीयन एवं रोड टैक्स जमा किए जिले में बेचे जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि ये वाहन स्थायी रूप से छिंदवाड़ा जिले की सड़कों पर चलाए जा रहे हैं,
जिससे न केवल शासन को राजस्व की भारी क्षति हो रही है,
बल्कि कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो रहे हैं।
आरटीओ और एजेंटों की भूमिका संदेह के घेरे में
इस पूरे मामले में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) और संबंधित एजेंटों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी के चलते जिले में बाहरी राज्यों के पंजीकृत वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
सूत्रों का दावा है कि आरटीओ अनुराग शुक्ला को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
आरटीओ विभाग द्वारा न तो ऐसे वाहनों की नियमित जांच की जा रही है और न ही रोड टैक्स चोरी पर कोई सख्त कदम उठाया गया है।
यार्ड में खड़ी 40 गाड़ियाँ, एमपी आरटीओ के पास कोई रिकॉर्ड नहीं
सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि पवार ऑटोडील के यार्ड में खड़ी लगभग 40 गाड़ियों का कोई भी रिकॉर्ड मध्यप्रदेश आरटीओ के पास उपलब्ध नहीं है।
सूत्रों की मानें तो ये सभी वाहन अन्य राज्यों से बिना वैध प्रक्रिया के लाए जाते हैं और सौदा तय होने के बाद ही उनका हेरफेर किया जाता है।
इन वाहनों से ग्राहकों को खुलेआम ट्रायल भी कराया जा रहा है।
यदि इसी दौरान कोई दुर्घटना या आपराधिक घटना होती है,
तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
ऐसे में पुलिस के लिए वाहन की पहचान और ट्रैकिंग करना बेहद मुश्किल हो सकता है।
सेकंड हैंड वाहनों का फलता-फूलता अवैध कारोबार
दिल्ली, हरियाणा और गुजरात से बड़ी संख्या में सेकंड हैंड वाहन लाकर छिंदवाड़ा में बेचे जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पवार ऑटोडील ने न तो ऑटोडीलर का वैध पंजीकरण कराया है और
न ही वाहनों से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जा रहे हैं।
इसके बावजूद बिना रोड टैक्स और पंजीयन के वाहन बेखौफ सड़कों पर दौड़ रहे हैं,
जो सीधे-सीधे शासन के नियमों की अवहेलना है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
स्थानीय नागरिकों और जागरूक लोगों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई,
तो केवल छिंदवाड़ा जिले से ही शासन को लगातार करोड़ों रुपये का नुकसान होता रहेगा।
इस संबंध में आरटीओ अनुराग शुक्ला से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
विशेष संवाददाता




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