धर्मसिवनी

लखनादौन में स्वदेशी जागरण संगोष्ठी – आत्मनिर्भर भारत की ओर बढ़ा एक और कदम

मप्र जन अभियान परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान हुआ आयोजन

Seoni 01 October 2025

सिवनी यशो:- पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती (25 सितम्बर) से लेकर महात्मा गांधी जयंती (2 अक्टूबर) तक मध्यप्रदेश में चल रहे स्वदेशी जागरण महाअभियान के अंतर्गत लखनादौन में एक प्रभावशाली संगोष्ठी का आयोजन शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय में किया गया।

लखनादौन में आयोजित स्वदेशी जागरण संगोष्ठी में समाजसेवी और नागरिक स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का आह्वान करते हुए।
लखनादौन में स्वदेशी जागरण संगोष्ठी | आत्मनिर्भर भारत की ओर एक कदम

यह अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार मप्र जन अभियान परिषद एवं स्वदेशी जागरण मंच के संयुक्त तत्वावधान में पूरे प्रदेश में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य है—
👉 विदेशी उत्पादों पर निर्भरता घटाना
👉 देशी वस्तुओं का अधिकतम उपयोग करना
👉 भारत को उपभोग की स्थिति से उठाकर आत्मनिर्भर बनाना

कार्यक्रम का शुभारंभ

संगोष्ठी का शुभारंभ अंत्योदय के प्रेरक पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन से हुआ।

कार्यक्रम की रूपरेखा विकासखंड समन्वयक श्रीमती रीता वर्मा श्रीवास्तव ने प्रस्तुत की। उन्होंने कहा—

“अब समय है कि हम अपने घर से शुरुआत करें, परिवार से समाज और समाज से राष्ट्र तक स्वदेशी जागरण का दीप जलाएं।”

विशिष्ट अतिथियों के विचार

  • समाजसेवी एवं नगर भाजपा मंडल अध्यक्ष अजेंद्र गोलहानी ने कहा— “स्वदेशी अपनाना केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और राष्ट्रीय कर्तव्य भी है।”

  • पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष श्रीमती मंजू साहू और उपाध्यक्ष श्रीमती विजुशा राजपूत ने अपने वक्तव्य में स्वदेशी वस्तुओं के प्रयोग को महिला सशक्तिकरण और ग्रामोदय से जोड़ा।

  • गायत्री परिवार से अरुण पांडे और ईश्वरीय विश्व विद्यालय की दीदी ममता विश्वकर्मा ने इसे आध्यात्मिक दृष्टि से जोड़ते हुए कहा— “स्वदेशी का अर्थ केवल देसी वस्तुएं नहीं, बल्कि अपनी आत्मा से जुड़ना है।”

सक्रिय सहभागिता

इस संगोष्ठी में स्वदेशी जागरण मंच,

पतंजलि संस्थान,

देवर्षि नारद प्रचार समिति,

वांकुर संस्था,

ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति सहित अनेक संस्थाओं ने भागीदारी की।

एमएसडब्ल्यू एवं बीएसडब्ल्यू के विद्यार्थियों ने भी इसमें सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और-

गांव-गांव जाकर स्वदेशी प्रचार-प्रसार करने का संकल्प लिया।

राष्ट्रीय संकल्प की प्रतिध्वनि

कार्यक्रम में ग्राम विकास प्रस्फुटन समिति के सदस्यों ने बताया कि वे अपने-अपने ग्रामों में घर-घर जाकर –

“स्वदेशी अपनाओ – भारत बढ़ाओ” का संदेश पहुँचा रहे हैं।

अंत में यह सर्वसम्मति बनी कि –

👉 स्वदेशी जागरण कोई क्षणिक अभियान नहीं, बल्कि एक सतत राष्ट्रीय संकल्प है।

👉 इस आंदोलन को जन-जन तक पहुँचाकर आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार किया जाएगा।

✨ “स्वदेशी अपनाना राष्ट्र भक्ति की सच्ची साधना है।” ✨

Dainikyashonnati

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