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छपारा में पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव: ऐतिहासिक भव्य शोभायात्रा के साथ जन्म कल्याणक उत्सव

पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के अवसर पर छपारा नगर में ऐतिहासिक एवं भव्य शोभायात्रा

छपारा यशो:- | सिवनी (मध्य प्रदेश)
Seoni 17 January 2026

✦ जन्म कल्याणक महोत्सव श्रद्धा और भक्ति भाव से सम्पन्न

छपारा यशो:- छपारा नगर के तकिया वॉर्ड स्थित सुभाष ग्राउंड में
14 जनवरी से निरंतर आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव
के अंतर्गत शनिवार 17 जनवरी को
जन्म कल्याणक महोत्सव
अत्यंत श्रद्धा, उल्लास एवं भव्यता के साथ मनाया गया।
इस पावन अवसर पर सकल जैन समाज छपारा द्वारा
नगर के प्रमुख मार्गों से
ऐतिहासिक एवं भव्य गजरथ शोभायात्रा निकाली गई,
जिसने संपूर्ण नगर को धर्ममय वातावरण में परिवर्तित कर दिया।

भगवान तीर्थंकर को गजरथ (हाथी) पर बैठाकर नगर परिक्रमा
सिवनी छपारा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव: जन्म कल्याणक भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की सहभागिता

✦ नगर के मुख्य मार्गों पर उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब

गजरथ शोभायात्रा नगर के प्रमुख चौक-चौराहों एवं मार्गों से होकर गुजरी।
यात्रा के दौरान वातावरण भगवान महावीर स्वामी के जयकारों,
भक्ति संगीत एवं मंगल ध्वनि से गूंज उठा।
शोभायात्रा में समाज के
बच्चे, युवा, महिलाएँ एवं वरिष्ठजन
आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए।
श्रद्धालुओं ने मार्ग में
पुष्पवर्षा कर गजरथ यात्रा का स्वागत किया।

सुभाष ग्राउंड से शुरू हुई भव्य शोभायात्रा
सिवनी छपारा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव: जन्म कल्याणक भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की सहभागिता

✦ पंचकल्याणक महोत्सव का आध्यात्मिक महत्व

आयोजक समिति द्वारा जानकारी दी गई कि
पंचकल्याणक महोत्सव
जैन धर्म के सर्वाधिक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजनों में से एक है।
इसमें तीर्थंकर भगवान के जीवन से जुड़े
गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान एवं मोक्ष
इन पाँच पावन कल्याणकों का विधिपूर्वक अनुष्ठान किया जाता है।
इन आयोजनों का उद्देश्य समाज में
अहिंसा, सत्य, संयम एवं करुणा
के भाव को जागृत करना है।

सिवनी छपारा पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव: जन्म कल्याणक भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की सहभागिता

जैन धर्म के अनुसार तीर्थंकर के जन्म से ही
समस्त जीव-जगत का कल्याण प्रारंभ हो जाता है,
इसी कारण जन्म कल्याणक को विशेष महत्व प्राप्त है।

 पांडुक शिला अभिषेक एवं गजरथ परिक्रमा का भावनात्मक दृश्य

जन्म कल्याणक के अवसर पर
पांडुक शिला पर विराजमान
जिन प्रतिमा का प्रासुक जल से अभिषेक किया गया।
भक्तजन कलशों में जल लेकर अभिषेक हेतु पहुँचे।
इसके पश्चात भगवान को
हाथी (गजरथ) पर विराजमान कर
नगर में भव्य परिक्रमा कराई गई,

जो विश्व शांति एवं मानव कल्याण का प्रतीक मानी जाती है।

✦ आचार्य श्री के सानिध्य में हो रहा पंचकल्याणक आयोजन

छपारा नगर में आयोजित यह पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव
आचार्य श्री निर्मद सागर जी महाराज
एवं नगर गौरव
नीरज सागर महाराज
के पावन सानिध्य में सम्पन्न हो रहा है।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन
धार्मिक प्रवचन, विधि-विधान,

अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं,

जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

धर्म, संस्कृति और सामाजिक समरसता का संगम

संक्षेप में, छपारा नगर में आयोजित
पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव
न केवल एक धार्मिक आयोजन रहा,

बल्कि यह जैन संस्कृति, अध्यात्म एवं सामाजिक सद्भाव
का अनुपम उदाहरण भी बना।

भव्य शोभायात्रा ने नगरवासियों के हृदय में
धार्मिक चेतना का संचार करते हुए
अहिंसा एवं मानवता का संदेश दिया।

https://www.naidunia.com/madhya-pradesh/sehore-sehore-news-243030

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