समान नागरिक संहिता पर जिले में जनपरामर्श बैठक आयोजित
विवाह, उत्तराधिकार और महिला अधिकारों पर नागरिकों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
सिवनी समान नागरिक संहिता बैठक – विवाह और महिला अधिकारों पर आए अहम सुझाव
Seoni 13 June 2026
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया प्रारंभ किए जाने के बाद सिवनी में शनिवार को व्यापक जनपरामर्श बैठक आयोजित की गई।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सिवनी के ऑडिटोरियम में आयोजित इस बैठक में विभिन्न वर्गों के नागरिकों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों तथा प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लेकर अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

बैठक में मध्यप्रदेश शासन द्वारा गठित उच्च स्तरीय समिति के सदस्य एवं कानूनविद् अनूप नायर ने उपस्थितजनों से संवाद करते हुए यूसीसी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और नागरिकों से रचनात्मक सुझाव देने का आह्वान किया।
संविधान के अनुच्छेद-44 का किया उल्लेख
बैठक को संबोधित करते हुए अनूप नायर ने कहा कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान भारतीय संविधान के नीति निदेशक तत्वों के अनुच्छेद-44 में किया गया है।

इसका उद्देश्य सभी नागरिकों के लिए समानता, न्याय और समान अधिकार सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा कि संविधान निर्माण के समय भी इस विषय पर गंभीर चर्चा हुई थी और संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर ने इसकी आवश्यकता पर विशेष बल दिया था।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में विवाह, विवाह विच्छेद, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे विषय अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के अंतर्गत संचालित होते हैं।
यूसीसी का उद्देश्य इन विषयों पर सभी नागरिकों के लिए समान कानूनी व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे महिलाओं और पुरुषों दोनों को समान अधिकार मिल सकें।
नागरिकों से मांगे गए सुझाव
अनूप नायर ने कहा कि राज्य शासन जनसंवाद और जनपरामर्श के माध्यम से नागरिकों के सुझाव एकत्र कर रहा है। उन्होंने बताया कि नागरिक अपने सुझाव ऑनलाइन पोर्टल http://ucc.mp.gov.in के माध्यम से भी भेज सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्राप्त सुझावों के आधार पर यूसीसी का प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिसे विधि विभाग की सहमति के बाद विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।

विवाह और उत्तराधिकार कानूनों पर हुई चर्चा
जनपरामर्श बैठक में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने विवाह, तलाक, महिला अधिकार और संपत्ति संबंधी कानूनों पर अपने विचार रखे। नागरिकों ने सुझाव दिया कि विवाह और विवाह विच्छेद के लिए सभी नागरिकों हेतु समान कानून बनाए जाएं तथा महिलाओं को उत्तराधिकार में समान अधिकार सुनिश्चित किए जाएं।
इसके साथ ही लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों के अधिकारों को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने, विवाह पंजीयन अनिवार्य किए जाने तथा बेटा-बेटी को समान संपत्ति अधिकार देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
जनजागरूकता अभियान चलाने की मांग
बैठक में उपस्थित लोगों ने सुझाव दिया कि समान नागरिक संहिता और संविधान के अनुच्छेद-44 के संबंध में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आम नागरिकों को इसके उद्देश्य और प्रावधानों की सही जानकारी मिल सके।

जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विधायक दिनेश राय मुनमुन, भाजपा जिला अध्यक्ष मीना बिसेन, नगर पालिका अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोड़िया, पूर्व सांसद नीता पटेरिया, कलेक्टर नेहा मीना, पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी, संयुक्त आयुक्त कविता बाटला, अपर कलेक्टर सी.एल. चनाप, अपर कलेक्टर सुनीता खंडायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



