मध्यप्रदेशसिवनी

शहीद आशीष शर्मा को नमन: मातृशक्ति संगठन पहुँचा बोहनी

सरकार से सवाल—बुलेट प्रूफ जैकेट की गुणवत्ता पर कब होगा ध्यान?

Seoni 10 December 2025

सिवनी यशो:- मातृशक्ति संगठन के प्रतिनिधि आज शहीद आशीष शर्मा के गृह ग्राम बोहनी पहुँचे और उनके परिवार से मिलकर श्रद्धांजलि अर्पित की। संगठन ने कहा कि शहीद आशीष ने राष्ट्र की सुरक्षा के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, और उनकी वीरता को देश सदैव स्मरण रखेगा।

संगठन के सदस्यों ने शहीद के पिता देवेन्द्र शर्मा (किसान) और परिजनों से मुलाकात करते हुए कहा कि आशीष का बलिदान केवल परिवार के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और देश के लिए गर्व का विषय है। ग्राम बोहनी में भी नागरिकों ने इस भावनात्मक पहल का स्वागत किया।

नक्सल ऑपरेशन में वीरगति

छत्तीसगढ़ के बोरा तालाब जंगल में एक बड़े नक्सली अभियान के दौरान शहीद आशीष शर्मा ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
ऑपरेशन के समय—

  • एक गोली पैर में,

  • एक गोली कंधे में लगी,
    फिर भी उन्होंने मोर्चा नहीं छोड़ा और नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।

लेकिन तीसरी गोली उनकी बुलेट प्रूफ जैकेट को भेदते हुए सीने में जा लगी, जिसके बाद भी इस जांबाज ने अपनी टीम को चिल्लाकर कहा:
“मेरे पीछे समय मत खराब करो, ऑपरेशन पर फोकस करो… मैं ठीक हो जाऊँगा।”

किंतु स्थिति गंभीर होने पर उन्हें एयरलिफ्ट कर राजनांदगांव अस्पताल लाया गया, जहाँ उन्होंने अंतिम सांस ली।

"मातृशक्ति संगठन के सदस्य बोहनी में शहीद आशीष शर्मा के परिवार से मुलाकात करते हुए"3. घर पर परिजनों के साथ फोटो के लिए
शहीद आशीष शर्मा को मातृशक्ति संगठन का नमन | बोहनी में श्रद्धांजलि, बुलेट प्रूफ जैकेट की गुणवत्ता पर सवाल

परिवार पर टूटा दुख का पहाड़

शहीद आशीष की सगाई हो चुकी थी, और जून में विवाह होना था। घर में खुशी का माहौल था, नया मकान बन रहा था—
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

माता-पिता का रो-रोकर यही कहना है—
“हमें सरकार से कुछ नहीं चाहिए, बस कोई हमारा बेटा लौटा दे।”

वीरता का गौरवपूर्ण इतिहास

आशीष शर्मा नक्सलियों के बीच एक ऐसा नाम था जिससे दहशत फैल जाती थी।

उन्होंने कई कुख्यात और करोड़ों के इनामी नक्सलियों को ढेर किया था।

उनकी वीरता के चलते उन्हें—

  • आउट ऑफ टर्न प्रमोशन,

  • दो बार गैलेंट्री अवार्ड
    से सम्मानित किया गया था।

बुलेट प्रूफ जैकेट पर गंभीर सवाल

मातृशक्ति संगठन ने पूछा—

“देश के जवानों के लिए उपयोग की जाने वाली बुलेट प्रूफ जैकेट की गुणवत्ता पर सरकार कब ध्यान देगी?”

“क्यों आतंकियों और नक्सलियों की गोलियाँ इन्हें आसानी से भेद देती हैं?”

संगठन ने कहा कि यदि सुरक्षा उपकरण बेहतर हों तो कई बहादुर जवानों की जान बचाई जा सकती है।

शौर्य कलश में रखी जाएगी शहीद आंगन की मिट्टी

संस्था की परंपरा अनुसार शहीद आशीष शर्मा के आँगन की पवित्र मिट्टी संग्रहित कर शौर्य चौक पर स्थापित शौर्य कलश में ससम्मान रखी जाएगी।

https://www.patrika.com/narsinghpur-news/martyr-inspector-ashish-sharma-huge-crowd-gathered-to-bid-farewell-20116093

Dainikyashonnati

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