पशु चिकित्सा विभाग में बिजली के सामान में लाखों का घोटाला?
उपसंचालक पर भ्रष्टाचार के आरोप, केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव को जांच के आदेश दिए
Chhindwara 03 August 2025
छिंदवाड़ा यशो:- जिले में संचालित पशु चिकित्सा विभाग के कार्यालयों में बिजली की फिटिंग के नाम पर हुए खर्च को लेकर बड़ा घोटाला सामने आया है।
विभाग में 75 लाख रुपये का टेंडर ट्यूबलाइट, बल्ब, पंखे और अन्य बिजली के सामान लगाने के लिए जारी किया गया था, लेकिन आरोप है कि कई कार्यालयों में सामान कम लगाया गया और अधिक बिल बनाकर रकम निकाल ली गई।
यह भी पढ़ें :- ज्ञानचंद सनोडिया के कार्यकाल में विकास ठप, नगरपालिका पर उठे सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता की शिकायत पर कार्रवाई
सामाजिक कार्यकर्ता श्रीचंद चौरिया ने इस मामले की शिकायत प्रदेश और केंद्र सरकार से की है। उनका आरोप है कि उभेगांव, कुंडाली कला, सांख समेत कई पशु चिकित्सा कार्यालयों में बिजली का सामान मानक से काफी कम लगाया गया, जबकि बिल कई गुना अधिक निकाले गए।
उन्होंने बताया कि —
“6 वॉल्व, 2 ट्यूबलाइट और 2 पंखे लगाने में 1 लाख 350 रुपये का बिल बनाया गया। इसी तरह जिले के कई कार्यालयों में भ्रष्टाचार हुआ है।”
उपसंचालक पर गंभीर आरोप
शिकायत में उपसंचालक एस.जी.एस. पक्षवार पर फर्म से मिलीभगत कर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करने के आरोप लगाए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार ने शिकायत मिलने पर मुख्य सचिव को जांच के आदेश भेजे हैं, लेकिन अब तक कोई जांच शुरू नहीं हुई है।
यह भी पढ़ें :- विधायक दिनेश राय मुनमुन ने उठाए पदस्थापना, मुआवजा, कालाबाजारी और पुल निर्माण के प्रश्न
वर्षों से एक ही पद पर जमे
जानकारी के अनुसार, उपसंचालक पक्षवार वर्षों से छिंदवाड़ा में पदस्थ हैं और उनका स्थानांतरण नहीं किया गया है। यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि तीन साल में अधिकारियों के स्थानांतरण के नियम के बावजूद उनका तबादला क्यों नहीं हुआ।
विभाग में पहले भी भ्रष्टाचार की शिकायतें हुई हैं, लेकिन कथित “मजबूत सेटिंग” के चलते कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।
उपसंचालक का पक्ष
उपसंचालक पक्षवार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि विभाग में किसी प्रकार का घोटाला नहीं हुआ है और शिकायत बेबुनियाद है।



