सिवनीः पेंच टाइगर रिज़र्व के बफर ग्रामों में जरूरतमंदों को कंबल वितरण
ठंड से बचाव के लिए अब तक 3,376 ग्रामीणों को मिली राहत बच्चों, वृद्धजनों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता—वन विभाग की मानवीय पहल
Seoni November 19, 2025
सिवनी यशो:- मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में स्थित विश्वविख्यात पेंच टाइगर रिज़र्व एक ओर जैव-विविधता और वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक है तो दूसरी ओर अब यह सामाजिक सरोकार और मानवीय संवेदना का मजबूत उदाहरण भी बन रहा है। शीतलहर के बढ़ते प्रभाव और बफर क्षेत्र के ग्रामीणों की ठंडी से सुरक्षा को देखते हुए पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा 04 नवंबर से ब्लैंकेट डोनेशन ड्राइव (कंबल वितरण) के तहत कंबल वितरण अभियान प्रारंभ किया गया, जो वर्तमान में लगातार जारी है।
मंगलवार 18 नवंबर 2025 तक प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, पेंच के बफर क्षेत्र के कुल 56 ग्रामों में 3,376 जरूरतमंद व्यक्तियों को कंबल वितरित किए जा चुके हैं।
इस मानवीय अभियान में बच्चों, वृद्धजनों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
बफर क्षेत्रवार वितरण विवरण
कुल लाभार्थी : 3,376
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बच्चे : 1,777
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वृद्धजन : 636
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विधवा महिलाएँ : 963
यह सहायता कुंभपानी, खमारपानी, घाटकोहका, रूखड़, खवासा और अरी बफर के 56 गांवों में पहुँचाई गई।
प्रशासनिक नेतृत्व और प्रेरक शुरुआत
कंबल वितरण अभियान का शुभारंभ 04 नवंबर 2025 को वन परिक्षेत्र घाटकोहका के ग्राम परासपानी से किया गया।
कार्यक्रम में अन्निगिरी साहब (APCCF), देव प्रसाद जे. (क्षेत्रसंचालक), रजनीश कुमार सिंह (उपसंचालक) एवं गुरलीन कौर (सहायक वन संरक्षक) सहित वन विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
उपसंचालक रजनीश कुमार सिंह (भा.व.से.) ने जानकारी दी कि अभियान में अब तक 150 से अधिक समाजसेवियों, संस्थानों और वन अधिकारियों ने स्वेच्छा से कंबल दान किए, जिससे यह प्रयास “सरकार और समाज की संयुक्त पहल” बन गया है।
अभियान का उद्देश्य
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बफर क्षेत्र के जरूरतमंद ग्रामीणों को ठंड से तत्काल राहत देना
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स्थानीय विद्यार्थियों, वृद्धजनों और विधवा महिलाओं को प्राथमिकता
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समाज में संवेदना, दानशीलता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देना
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वन विभाग और ग्रामीणों के बीच विश्वास एवं सहभागिता मजबूत करना
वन अधिकारियों ने बताया कि ठंड की तीव्रता बढ़ने पर आगे भी राहत सामग्री का वितरण जारी रहेगा।
ग्रामीणों की प्रतिक्रिया
बफर ग्रामों के निवासियों ने इस पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि
“यह पहली बार है जब वन विभाग ने जंगलों से बाहर आकर हमारे जीवन में गर्माहट और राहत पहुँचाई है।”
पेंच टाइगर रिज़र्व—सिर्फ वन्यजीव ही नहीं, मानवीय मूल्यों का भी संरक्षण स्थल
सिवनी का पेंच टाइगर रिज़र्व न केवल बाघ संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अब यह सामाजिक जिम्मेदारी और मानव कल्याण की दृष्टि से भी एक आदर्श मॉडल बनता जा रहा है।
यह अभियान न केवल जरूरतमंदों के लिए राहत लेकर आया,
बल्कि यह संदेश भी दे गया कि जंगल और मानव जीवन एक-दूसरे के पूरक हैं—
जहाँ संरक्षण सिर्फ प्रकृति का नहीं, मानवता का भी होना चाहिए





