छपारा सीताफल मंडी में अवैध वसूली पर रोक लगाने की मांग, वन विभाग ने दी चेतावनी
ग्रामीणों और संचालकों को स्पष्ट चेतावनी दी कि
कच्चे फल न खरीदें और न ही दूसरों को तोड़ने के लिए उकसाएं।
यह कार्य वन अधिनियम के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

वन परीक्षेत्र अधिकारी शरद सिंह और एसडीओ मनेंद्र सिंह जयंत ने
मंडी परिसर में पहुंचकर मंडी संचालकों और ग्रामीणों को समझाइश दी।
अधिकारियों ने बताया कि ग्राम खरमटा कोल में
प्राकृतिक रूप से उपजे सीताफलों को चिन्हित किया जा रहा है ताकि
पेड़ों से अंधाधुंध तोड़ाई रोकी जा सके।
गरीब मजदूरों से अवैध टैक्स वसूली का आरोप
छपारा क्षेत्र की पहचान बन चुका सीताफल
ग्रामीणों के लिए कुछ महीनों का रोजगार अवसर लाता है।
लेकिन इस साल एरिकेशन कॉलोनी में लगी
सीताफल मंडी में गरीब मजदूरों और निम्न वर्ग के परिवारों से
₹5 से ₹10 प्रति टोकनी के हिसाब से
अवैध टैक्स वसूला जा रहा है।
जानकारी के अनुसार यह वसूली कुछ लोगों द्वारा
“पंचायत टैक्स” के नाम पर की जा रही है,
जबकि नियम के अनुसार ठेकेदार को केवल सोमवार और बुधवार
को लगने वाली दुकानों से टैक्स वसूलने की अनुमति है।
इसके बावजूद गरीब मजदूरों से जबरन वसूली की जा रही है,
जिससे उनमें रोष व्याप्त है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि-
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इस मामले पर
तुरंत संज्ञान लेकर अवैध टैक्स वसूली पर रोक लगानी चाहिए।
दबंगई से वसूली करने वाले लोग गरीबों की मेहनत की कमाई को लूट रहे हैं।
सीताफल के स्वास्थ्य लाभ
सीताफल एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है जो शरीर को
ऊर्जा, विटामिन और खनिज प्रदान करता है।
इसमें पोटेशियम, मैग्नीशियम, कैल्शियम, तांबा, फाइबर और
विटामिन A, B, C प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
- थकावट और मांसपेशियों की कमजोरी को दूर करता है।
- तनाव, चिड़चिड़ापन और अवसाद को कम करने में सहायक।
- भ्रूण के मस्तिष्क विकास में मदद करता है।
- गठिया और जोड़ों के दर्द से राहत प्रदान करता है।
- हड्डियों को मजबूत और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है।
- कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक।



