सिवनीमध्यप्रदेश

किसानों के लिए बड़ी खबर: धान, ज्वार-बाजरा पंजीयन 15 सितंबर से, सिवनी में 66 केंद्र तैयार

समर्थन मूल्य पर खरीफ फसलों की खरीदी के लिए 10 अक्टूबर तक करा सकेंगे पंजीयन; ई-गिरदावरी जरूरी, सिकमी-बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए अलग व्यवस्था

सिवनी में धान, ज्वार-बाजरा किसान पंजीयन 15 सितंबर से, 66 केंद्र

Seoni 12 September 2026
सिवनी यशो:- खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 से शुरू होगी। किसान 10 अक्टूबर 2026 तक अपना पंजीयन करा सकेंगे। किसानों की सुविधा के लिए जिले में 66 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं, जहां निःशुल्क किसान पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

किसानों से अपील की गई है कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक दस्तावेजों के साथ पंजीयन केंद्र पहुंचकर अपना पंजीयन अवश्य कराएं।

ई-गिरदावरी के आधार पर होगा पंजीयन

समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के लिए किसानों द्वारा बोई गई फसल की ई-गिरदावरी कराया जाना अनिवार्य है। ई-गिरदावरी में दर्ज फसल के आधार पर ही किसान का पंजीयन ई-उपार्जन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाएगा।

इसलिए किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बोई गई फसल की ई-गिरदावरी समय पर सुनिश्चित करें और 15 सितंबर से 10 अक्टूबर के बीच निर्धारित केंद्र पर पहुंचकर पंजीयन कराएं।

आधार, बैंक खाता और भूमि संबंधी दस्तावेज जरूरी

पंजीयन के लिए किसान को आधार लिंक बैंक खाता, समग्र आईडी तथा भूमि से संबंधित दस्तावेज सहित आवश्यक अभिलेख लेकर पंजीयन केंद्र पर उपस्थित होना होगा।

किसान का पंजीयन बॉयोमेट्रिक सत्यापन अथवा आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP के माध्यम से किया जाएगा।

पंजीयन तभी संभव होगा, जब भू-अभिलेख/एग्रीस्टेक में भूमि के खाते एवं खसरे में दर्ज किसान के नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। नाम में विसंगति होने पर संबंधित तहसीलदार या नायब तहसीलदार द्वारा सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन के बाद ही पंजीयन मान्य होगा।

सिकमी, बटाईदार और वन पट्टाधारी किसानों के लिए विशेष व्यवस्था

सिकमी, बटाईदार, कोटरवार एवं वन पट्टाधारी किसानों के लिए पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी।

वनाधिकार पट्टाधारी किसानों को वन पट्टा तथा सिकमी/बटाईदार किसानों को निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत सिकमी/बटाई अनुबंध प्रस्तुत करना होगा। यह अनुबंध 15 सितंबर 2026 के पूर्व की अवधि का होना आवश्यक है।

मध्यप्रदेश भू-स्वामी एवं बटाईदार के हितों के संरक्षण अधिनियम, 2026 की धारा 4(3) के अनुसार सिकमी/बटाईदार अनुबंध की अवधि अधिकतम पांच वर्ष होगी। इससे अधिक अवधि का अनुबंध पंजीयन के लिए मान्य नहीं होगा।

21 सितंबर से 15 अक्टूबर तक होगा सत्यापन

किसानों के पंजीयन का सत्यापन संबंधित नायब तहसीलदार, तहसीलदार अथवा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 21 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 तक किया जाएगा।

ग्राम पंचायत से लेकर CSC तक पंजीयन की सुविधा

किसानों की सुविधा के लिए ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद कार्यालय एवं तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर भी आवश्यकतानुसार निःशुल्क किसान पंजीयन कराया जा सकेगा।

इसके अलावा अधिकतम 50 रुपये शुल्क पर एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) कियोस्क, लोकसेवा केंद्र तथा निजी साइबर कैफे के माध्यम से भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

जिले में तहसीलवार पंजीयन केंद्र

कुरई: कुरई, पीपरवानी, चक्की खमरिया, ग्वारी, मोहगांव एवं बादलपार।

केवलारी: केवलारी, खापा, अहरवाड़ा, छीन्दा, पांडियाछापरा, अर्जुनझिर, बगलई, दुटेरा, लोपा, पलारी, देवघाट एवं सुनहेरा।

घंसौर: कहानी, मेहता, केदारपुर एवं घंसौर।

छपारा: छपाराकला एवं डुंगरिया छापरा।

धनौरा: धनौरा एवं कुड़ारी।

बरघाट: धपारा, दौंदीवाड़ा, बोरीकलां, बरघाट, लुहारा, धारनाकला, आमागढ़, नगाझिर, मलारा, आष्टा एवं अरी।

लखनादौन: नागनदेवरी, धूमा, सनाईडोंगरी, लखनादौन, आदेगांव, गणेशगंज सहित निर्धारित केंद्र।

सिवनी तहसील: उड़ेपानी, समनापुर, कान्हीवाड़ा, थांवरी, चावड़ी, बंडोल, कुकलाह, बाकी, चंदौरीकलां, बीसावाड़ी, कलारबाकी, मडवा, मुंगवानी कला, छूई एवं मानेगांव।

सिवनी नगर तहसील: लखनावाड़ा, नरेला, भोमा, गोपालगंज एवं सीलादेही।

पंजीयन की निगरानी के लिए समितियां गठित

किसान पंजीयन के पर्यवेक्षण एवं मॉनीटरिंग के लिए जिला एवं उपखण्ड स्तरीय उपार्जन समितियों का गठन किया गया है। पंजीयन एवं उपार्जन कार्य के दौरान आने वाली तकनीकी समस्याओं के निराकरण के लिए तकनीकी समिति भी गठित की गई है।

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को किसान पंजीयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने तथा किसानों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

किसानों से समय सीमा में पंजीयन कराने की अपील

जिला प्रशासन ने किसानों, विशेषकर वनाधिकार पट्टाधारी एवं सिकमी/बटाईदार किसानों, से अपील की है कि वे आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रारूप में भूमि संबंधी अनुबंध पहले से तैयार एवं पंजीकृत करा लें। सभी किसान 10 अक्टूबर की अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय पर अपने निकटतम पंजीयन केंद्र पर पहुंचकर पंजीयन कराएं।

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